दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब तेज आंधी और बारिश के बीच रनवे पर मौजूद ग्राउंड इक्विपमेंट और पैसेंजर सीढ़ियां अनियंत्रित होकर विमानों से टकरा गईं।
राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री या क्रू मेंबर के घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि कुछ विमानों को मामूली नुकसान पहुंचने की सूचना मिली है।
क्या आप जानते हैं?
विमानों से ज्यादा खतरा कई बार खराब मौसम से नहीं, बल्कि रनवे पर मौजूद ढीले उपकरणों से होता है। एविएशन की भाषा में इन्हें “Foreign Object Damage” यानी FOD कहा जाता है। तेज हवाओं में यही उपकरण विमान के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।
दिल्ली में आई आंधी के दौरान हवा की रफ्तार कई जगह 80 किलोमीटर प्रति घंटे से भी ज्यादा दर्ज की गई। इतनी तेज हवाएं छोटे वाहनों से लेकर भारी एयरपोर्ट उपकरणों तक को खिसका सकती हैं।
एक और दिलचस्प तथ्य
दुनिया के बड़े एयरपोर्ट्स पर मौसम की निगरानी 24 घंटे की जाती है। सिर्फ विजिबिलिटी ही नहीं, बल्कि हवा की दिशा और गति भी हर सेकंड रिकॉर्ड की जाती है, क्योंकि टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान हवा का एक झोंका भी बड़ा खतरा बन सकता है।
खराब मौसम के कारण कई उड़ानों पर असर पड़ा, कुछ को रोका गया तो कुछ को डायवर्ट करना पड़ा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर स्थिति को नियंत्रण में लिया।
लेकिन यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक एयरपोर्ट भी प्रकृति के आगे पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं।
फिलहाल जांच जारी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
फिलहाल इस खबर में इतना ही। ऐसी तमाम बड़ी खबरों और हर जरूरी अपडेट के लिए बने रहिए News Darshan के साथ।
Tanya Bharti, National Desk, NewsDarshan





