नई दिल्ली: मालवीय नगर के एक होटल में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने राजधानी में अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ दिया है। इस हादसे में 21 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने पूरे शहर में ऐसे भवनों और प्रतिष्ठानों की जांच शुरू की जो नियमों को ताक पर रखकर संचालित किए जा रहे थे।
पिछले 10 दिनों के दौरान एमसीडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 217 अवैध इमारतों को ध्वस्त कर दिया, जबकि 237 संपत्तियों को सील किया गया। अधिकारियों के मुताबिक यह अभियान अभी जारी है और आने वाले दिनों में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
एमसीडी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों ने 5 जून से 15 जून के बीच दिल्ली के विभिन्न इलाकों में 773 से अधिक स्थानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई जगहों पर अवैध निर्माण, बिना अनुमति चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठान और फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी के मामले सामने आए।
कार्रवाई के तहत 330 अवैध निर्माणों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, जबकि सीलिंग से जुड़े 151 मामलों में भी नोटिस भेजे गए हैं। इसके अलावा 91 इमारतों को गिराने के अंतिम आदेश भी जारी किए जा चुके हैं। केवल 15 जून को ही 14 अवैध निर्माणों को ढहाया गया और 25 प्रतिष्ठानों को सील किया गया।
सबसे ज्यादा कार्रवाई दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर, साकेत, सैनिक फार्म, सैदुलजाब और खानपुर जैसे इलाकों में देखने को मिली, जहां कई होटल, रेस्टोरेंट और बेसमेंट में चल रहे कमर्शियल स्पेस बिना जरूरी फायर एनओसी और अन्य मंजूरियों के संचालित पाए गए। इसके अलावा नई दिल्ली, नजफगढ़, उत्तर-पूर्वी और पश्चिमी दिल्ली के कई इलाकों में भी नियमों का उल्लंघन मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं।
एमसीडी का कहना है कि दिल्ली मास्टर प्लान-2021 और यूनिफाइड बिल्डिंग बाय-लॉज का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन ने साफ किया है कि लोगों की सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Druti jha, National desk, News Darshan


