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पुणे का ‘केतन अग्रवाल मर्डर केस’: मंगेतर ही निकली कातिल; बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर रची थी खौफनाक साज़िश, लोहगढ़ किले की 400 फीट गहरी खाई में धक्का देकर किया कत्ल!

पुणे, क्राइम डेस्क : महाराष्ट्र के पुणे शहर में रियल एस्टेट डायरेक्टर केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिसिया जांच के बाद जो नए और रूह कँपा देने वाले खुलासे हुए हैं, उसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। जिस मंगेतर सिया गोयल के साथ केतन सात फेरे लेकर अपनी नई जिंदगी शुरू करने वाले थे, वही उनकी मौत की सबसे बड़ी सूत्रधार निकली। सिया ने अपने गुप्त बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन की हत्या की एक बेहद शातिराना और सोची-समझी साजिश रची थी। दोनों आरोपियों ने केतन को लोहगढ़ किले की 400 फीट गहरी खाई में धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया और इसे एक सामान्य ‘ट्रेकिंग हादसा’ (Trekking Accident) बताकर कानून की आंखों में धूल झोंकने की पूरी कोशिश की। लेकिन केतन के परिवार के संदेह और पुणे पुलिस की कड़क तफ्तीश ने इस पूरी मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश कर दिया है।

प्यार का नाटक, करोड़ों की संपत्ति और खूनी साज़िश की शुरुआत

पुलिस जांच और कॉल डिटेल्स से मिली जानकारी के मुताबिक, केतन अग्रवाल और सिया की शादी उनके परिवारों की रजामंदी से तय हुई थी और हाल ही में दोनों की सगाई भी हुई थी। केतन इस शादी को लेकर बेहद खुश थे, लेकिन उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि सिया पहले से ही चेतन चौधरी नाम के एक युवक के साथ गहरे प्रेम संबंध में थी। सिया अपने बॉयफ्रेंड को छोड़ना नहीं चाहती थी, लेकिन परिवार के दबाव और केतन की आलीशान लाइफस्टाइल व संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से उसने शादी का नाटक रचा। सिया और चेतन ने मिलकर योजना बनाई कि शादी से पहले ही केतन को रास्ते से हटा दिया जाए, ताकि मौत एक सामान्य हादसा लगे और सिया पर कोई शक भी न करे।

पहली कोशिश (14 जून): ‘सांप’ वाला ड्रामा और झाड़ी के सहारे बची जानपुलिस जांच में सामने आया कि केतन को रास्ते से हटाने के लिए आरोपियों ने दो बार जाल बुना था। पहली कोशिश 14 जून को की गई थी, जब सिया गोयल ने केतन को लोहगढ़ किले पर बुलाया। वहां एक सुनसान पॉइंट पर सिया ने केतन को खाई में धक्का देने का पूरा प्रयास किया। लेकिन किस्मत अच्छी थी कि केतन नीचे गिरने के बजाय एक मजबूत झाड़ी को पकड़कर लटक गए और उनकी जान बच गई। इस नाकाम कोशिश के बाद शातिर सिया ने तुरंत पासा पलटा और केतन को गले लगाकर रोने का नाटक करने लगी। उसने केतन से झूठ कहा कि वहां एक जहरीला सांप था, जिससे उन्हें बचाने की हड़बड़ाहट में उसका हाथ लग गया था। केतन ने अपनी मंगेतर पर अंधा भरोसा कर उस वक्त इस बात को टाल दिया।

दूसरी कोशिश (18 जून): 400 फीट गहरी खाई और चेतन का ‘डिजिटल’ पैंतरापहली कोशिश नाकाम होने के ठीक चार दिन बाद, यानी 18 जून को सिया केतन को एक बार फिर सुनियोजित तरीके से लोहगढ़ किले पर ले गई। इस बार साज़िश को फुलप्रूफ बनाने के लिए सिया के दोस्त चेतन चौधरी ने एक शातिराना पैंतरा चला। उसने अपनी असली लोकेशन छिपाने के लिए अपना मुख्य मोबाइल फोन अपने ही एक कर्मचारी की दुकान पर छोड़ दिया, ताकि पुलिस को लगे कि वह पुणे शहर में ही था, और खुद वह दूसरे सीक्रेट फोन का इस्तेमाल कर रहा था। किले पर जैसे ही मौका मिला, सिया ने केतन को पीछे से एक जोरदार धक्का दे दिया। इस बार केतन को संभलने का मौका नहीं मिला और वे सीधे 400 फीट गहरी खाई में जा गिरे, जिससे मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।हादसे का ड्रामा और पुलिस को गुमराह करने की कोशिशवारदात को अंजाम देने के बाद कातिल मंगेतर सिया गोयल ने तुरंत रोने-बिलखने का नाटक शुरू कर दिया। उसने स्थानीय पुलिस को सूचना दी कि वे दोनों किले पर घूम रहे थे और अचानक तेज हवा चलने के कारण केतन का पैर फिसल गया और वह खाई में गिर गए। चूंकि लोहगढ़ किले पर अक्सर ऐसे ट्रेकिंग हादसे होते रहते हैं, इसलिए शुरुआत में पुणे पुलिस ने भी सिया की मनगढ़ंत कहानी पर भरोसा कर लिया और इसे एक ‘एक्सीडेंटल डेथ’ (दुर्घटना की वजह से मौत) मानकर केस दर्ज कर लिया।

अनुभवी ट्रैकर थे केतन; 2000 कॉल्स और तकनीकी सबूतों ने खोला राज

सिया का यह ड्रामा ज्यादा दिन नहीं चल सका। केतन के पिता और उनकी बहन को इस ‘हादसे’ पर जरा भी यकीन नहीं हुआ, क्योंकि केतन एक बेहद अनुभवी और मंझे हुए ट्रैकर थे, जो ऐसी छोटी-मोटी चूकों का शिकार नहीं हो सकते थे। परिवार के कड़े संदेह और शिकायत के बाद पुलिस ने जब मामले की गहराई से तकनीकी जांच शुरू की, तो पूरी कहानी पलट गई।

पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जब सिया गोयल और चेतन चौधरी के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड्स (CDR) खंगाले, तो पता चला कि दोनों के बीच पिछले कुछ समय में 2000 से अधिक फोन कॉल्स हुए थे, और घटना के दिन भी दोनों लगातार संपर्क में थे। इसके साथ ही सिया के मोबाइल से डिलीट किए जा चुके कई व्हाट्सएप चैट्स और संदिग्ध वॉयस कॉल्स के रिकॉर्ड भी पुलिस के हाथ लग गए। इस अकाट्य तकनीकी सबूत के सामने आते ही सिया और चेतन का झूठ ताश के पत्तों की तरह ढह गया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार और गाड़ी को बरामद कर लिया है और दोनों मुख्य आरोपियों को हत्या और आपराधिक साजिश के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। शादी और सगाई जैसे पवित्र रिश्ते की आड़ में अपने ही मंगेतर की बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर इस तरह क्रूरता से हत्या करने की मानसिकता को आप किस तरह देखते हैं? क्या समाज में कड़ा संदेश देने के लिए ऐसे शातिर अपराधियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए?

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Saumya Pal

National Desk News Darshan

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