वाराणसी : उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित सुप्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर से शनिवार सुबह एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मंदिर के वीआईपी प्रवेश द्वार माने जाने वाले गेट नंबर-4बी (गोदौलिया क्षेत्र) के पास सुरक्षा में तैनात प्रांतीय रक्षक दल/पीएसी (PAC) के एक जवान की सरकारी बंदूक से अचानक दुर्घटनावश फायरिंग (Accidental Discharge) हो गई। इस हादसे में वहां फूल-माला की दुकान चलाने वाले तीन स्थानीय दुकानदार घायल हो गए हैं। घटना के बाद मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई, हालांकि पुलिस और प्रशासन ने तुरंत स्थिति को संभाल लिया।
कैसे और कब हुआ यह हादसा ?
यह घटना शनिवार सुबह करीब 7:00 बजे की है, जब मंदिर में दर्शनार्थियों की भारी भीड़ उमड़ रही थी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत मंदिर के गेट नंबर-4बी पर 48वीं वाहिनी पीएसी के जवान तैनात थे। चश्मदीदों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ड्यूटी पर तैनात पीएसी जवान अमरनाथ चौहान के हाथ से उनकी सरकारी कार्बाइन अचानक फिसलकर कंक्रीट के फर्श पर गिर गई।
हथियार के जमीन पर गिरते ही उससे दो राउंड मिसफायर हो गए। राहत की बात यह रही कि बंदूक की नाल का रुख सीधे किसी व्यक्ति की तरफ नहीं था। गोलियां सीधे किसी को लगने के बजाय जमीन और वहां मौजूद पत्थरों से टकराईं, जिसके बाद गोलियों के छर्रे (Splinters) और पत्थर के टुकड़े वहां मौजूद लोगों को जा लगे।
हादसे में घायल हुए तीन स्थानीय दुकानदार
इस अचानक हुई फायरिंग की चपेट में आकर वहां फूल-माला और पूजा सामग्री बेचने वाले तीन स्थानीय वेंडर घायल हो गए। घायलों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
निक्की गुप्ता: इनके हाथ और कमर के हिस्से में छर्रे लगे हैं।
राम बाबू: इनके पैर और हाथ में मामूली चोटें आई हैं।
विकास यादव: इन्हें भी शरीर पर छर्रे लगने से चोट आई है।
घटना के तुरंत बाद वहां तैनात साथी पुलिसकर्मियों और सुरक्षा
बलों ने तत्परता दिखाते हुए तीनों घायलों को एम्बुलेंस के जरिए कबीरचौरा स्थित मंडलीय चिकित्सालय भिजवाया। अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, तीनों घायलों का प्राथमिक उपचार कर दिया गया है। उनके शरीर से छर्रे निकाल दिए गए हैं और फिलहाल सभी की स्थिति पूरी तरह से स्थिर और खतरे से बाहर है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया जायजा, जांच के आदेश
घटना की सूचना मिलते ही वाराणसी पुलिस के आला अधिकारी, जिनमें एडिशनल कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) शिव हरि मीना और डीसीपी गौरव बंसवाल शामिल हैं, भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां मौजूद अन्य सुरक्षाकर्मियों व दुकानदारों से पूछताछ की।
एडिशनल कमिश्नर शिव हरि मीना ने मीडिया को बताया, “यह किसी भी तरह का हमला या आपराधिक घटना नहीं है। यह पूरी तरह से एक दुर्घटना है जो हथियार के अचानक हाथ से छूट जाने के कारण हुई। आरोपी पीएसी जवान अमरनाथ चौहान को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है।”
पुलिस प्रशासन के साथ-साथ पीएसी कमांडेंट द्वारा इस मामले की एक उच्च स्तरीय विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। जांच में मुख्य रूप से यह पता लगाया जाएगा कि ड्यूटी के दौरान जवान की कार्बाइन का सेफ्टी लॉक ऑन था या नहीं, और हथियार के रखरखाव में किस स्तर पर लापरवाही बरती गई।
मंदिर में दर्शन व्यवस्था सुचारू, सुरक्षा और सख्त
इस हादसे के बाद कुछ समय के लिए गोदौलिया और गेट नंबर-4 के पास भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी, लेकिन पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालकर स्थिति को स्पष्ट किया। मंदिर प्रशासन और पुलिस की ओर से सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने की अपील की गई है।
हाई-सिक्योरिटी जोन होने के कारण काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद कर दिया गया है। हालांकि, इस घटना का बाबा विश्वनाथ के दर्शनों पर कोई असर नहीं पड़ा है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए गर्भगृह और मंदिर परिसर में दर्शन की व्यवस्था पूरी तरह से सुचारू रूप से चालू है।
रिया मिश्रा
नेशनल डेस्क | न्यूज़ दर्शन




