बिहार के शिक्षा जगत और पटना के सबसे चर्चित कोचिंग गलियारों से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और सबसे सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। देश भर के करोड़ों छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय ‘पटना के खान सर’ और बिहार दरोगा व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मशहूर ‘ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी’ के मुख्य शिक्षक रोशन आनंद सर के बीच पिछले कुछ समय से चल रहा विवाद अब कानूनी मोर्चे पर एक नए पड़ाव पर पहुंच चुका है।
गहरी पड़ताल में यह बात सामने आई है कि इस पूरे फसाद की मुख्य जड़ कोचिंग के स्टडी मैटेरियल, क्लास नोट्स, कतिपय कॉपीराइट उल्लंघन और एक-दूसरे के संस्थान से जुड़े छात्रों के दावों को लेकर शुरू हुई थी। विवाद इतना बढ़ गया कि मामला सिर्फ आपसी कहासुनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें सीधे तौर पर कानूनी धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई। पुलिसिया कार्रवाई के बाद रोशन आनंद सर पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था, जिसके बाद पूरे बिहार के छात्र गुटों और सोशल मीडिया पर एक बहुत बड़ी बहस छिड़ गई थी।
अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में सबसे बड़ा और नया अपडेट यह आया है कि रोशन आनंद सर और उनके संस्थान को कानूनी मोर्चे पर एक बहुत बड़ी और राहत भरी कामयाबी मिली है।
‘खान सर कोचिंग विवाद मामले’ में लगभग 12 दिन सलाखों के पीछे (जेल में) बिताने के बाद रोशन आनंद सर को आखिरकार पटना सिविल कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। जिला जज रूपेश देव की माननीय अदालत में इस केस पर हुई लंबी और गहन सुनवाई के बाद दोनों पक्षों के कानूनी पहलुओं की समीक्षा की गई, जिसके बाद कोर्ट ने रोशन आनंद सर की नियमित जमानत (Bail) अर्जी को पूरी तरह से मंजूर कर लिया।
रोशन सर को ठीक कल यानी 14 जून, रविवार के दिन ही अदालत से यह बेल मिली है। जैसे ही रविवार को उनके जेल से बाहर आने और जमानत मिलने की खबर पटना के मुसल्लहपुर हाट और नया टोला जैसे कोचिंग हब में पहुंची, उनके समर्थकों और छात्रों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई।
राजनीतिक और प्रशासनिक विश्लेषकों का मानना है कि इस जमानत के बाद अब पटना के इन दो दिग्गज शिक्षकों के बीच चल रही कानूनी कड़वाहट के शांत होने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।
क्योंकि अब दोनों ही पक्ष इस मामले को कोर्ट के बाहर आपसी सहमति, वरिष्ठ शिक्षकों की मध्यस्थता या फिर पूरी तरह से कानूनी मर्यादा के भीतर सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। इस विवाद के ठंडे पड़ने से सबसे ज्यादा राहत बिहार के उन लाखों छात्रों ने ली है जो इन दोनों संस्थानों पर आंख बंद करके भरोसा करते हैं और अपनी सरकारी नौकरी का सपना पूरा करने के लिए रात-दिन पढ़ाई में जुटे हुए हैं।
बिहार के दो सबसे बड़े शिक्षकों के बीच हुए इस अभूतपूर्व कानूनी विवाद, रोशन सर द्वारा जेल में बिताए गए 12 दिनों और अब जिला जज रूपेश देव की अदालत से मिली जमानत पर आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि शिक्षा के इस पावन मंच पर ऐसे विवादों को आपसी बातचीत से पहले ही सुलझा लिया जाना चाहिए? हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर अपनी राय जरूर बताएं। बिहार के शिक्षा जगत की इनसाइड स्टोरी से लेकर ग्राउंड जीरो की ऐसी ही हर एक कड़क, गहरी और सच्ची खबर को सबसे पहले देखने के लिए जुड़े रहिए न्यूज दर्शन (News Darhsan) के साथ।
Saumya Pal
National Desk News Darshan



