नई दिल्ली, नेशनल डेस्क : देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर अड़ा ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का विरोध प्रदर्शन आज 21वें दिन भी लगातार जारी है। पर्यावरण की रक्षा और अधिकारों की इस जंग में प्रदर्शनकारियों के हौसले बुलंद हैं, लेकिन दूसरी तरफ आंदोलन का नेतृत्व कर रहे देश के जाने-माने पर्यावरणविद् और शिक्षक सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर बड़ी चिंताजनक खबर सामने आ रही है। सोनम वांगचुक पिछले 13 दिनों से लगातार आमरण अनशन (भूख हड़ताल) पर बैठे हैं, जिसके चलते उनका स्वास्थ्य तेजी से बिगड़ रहा है और अब तक उनका वजन 7 किलो तक गिर चुका है। इसके बावजूद वे अपनी मांगों पर मजबूती से डटे हुए हैं।
20 जुलाई को ‘संसद मार्च’ का बड़ा एलान
जैसे-जैसे आंदोलन के दिन बढ़ रहे हैं, प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए अपनी रणनीति को और आक्रामक कर दिया है। CJP ने आज एक बहुत बड़ा एलान करते हुए साफ कर दिया है कि वे इस लड़ाई को अब सीधे देश की संसद तक लेकर जाएंगे। संगठन ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद भवन तक एक विशाल ‘संसद मार्च’ (Parliament March) निकालने का फैसला किया है।
गौरतलब है कि 20 जुलाई को ही संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) का पहला दिन है। CJP का मकसद सत्र के पहले ही दिन सड़क से लेकर संसद तक अपनी आवाज बुलंद करना है ताकि सरकार को उनकी मांगों को गंभीरता से सुनने के लिए मजबूर होना पड़े। इस मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया जा रहा है।
21 दिनों से जारी है संघर्ष
सोनम वांगचुक की गिरती सेहत के बीच जंतर-मंतर पर आंदोलनकारियों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग उनके समर्थन में दिल्ली पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि 13 दिनों के कड़े अनशन के बाद 7 किलो वजन का कम होना उनके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक सरकार की तरफ से उनकी मांगों पर कोई ठोस आश्वासन या बातचीत की पहल नहीं होती, तब तक न तो यह अनशन टूटेगा और न ही यह आंदोलन धीमा पड़ेगा।
पर्यावरण और अधिकारों की रक्षा के लिए सोनम वांगचुक के 13 दिनों के इस अनशन और 20 जुलाई को होने वाले ‘संसद मार्च’ के फैसले पर आपकी क्या राय है? क्या सरकार को तुरंत हस्तक्षेप कर उनकी सेहत का ख्याल रखते हुए बातचीत करनी चाहिए? नीचे कमेंट बॉक्स में अपने विचार हमारे साथ ज़रूर साझा करें। देश के बड़े जन-आंदोलनों, पल-पल की अपडेट्स और हर एक कड़क व सच्ची रिपोर्ट को सबसे पहले देखने के लिए जुड़े रहिए न्यूज दर्शन News Darshan के साथ।
Saumya Pal
National Desk News darshan





