नई दिल्ली, राजनीतिक ब्यूरो : भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा देश की 3 प्रमुख विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराने के लिए 6 जुलाई को आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी कर दी गई है। चुनाव आयोग के मुताबिक, इन सीटों पर 30 जुलाई 2026 को मतदान होगा और वोटों की गिनती के बाद 3 अगस्त 2026 को नतीजे सामने आएंगे। नोटिफिकेशन जारी होते ही संबंधित जिलों में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो चुकी है और राजनीतिक पार्टियों ने अपनी रणनीति बनाना शुरू कर दिया है。 आइए विस्तार से समझते हैं कि ये तीनों सीटें कौन सी हैं और यहां उपचुनाव की नौबत क्यों आई।
बांकीपुर विधानसभा सीट (बिहार)
- सीट क्यों खाली हुई: बिहार की राजधानी पटना की सबसे हाई-प्रोफाइल मानी जाने वाली बांकीपुर विधानसभा सीट (182-Bankipur) बीजेपी के कद्दावर नेता और पांच बार के विधायक नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। नितिन नवीन के राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद उन्होंने इस विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से यह सीट खाली चल रही थी।
- चुनावी माहौल और उम्मीदवार: चूंकि यह सीट बीजेपी का पारंपरिक गढ़ मानी जाती है, इसलिए बीजेपी यहां दोबारा अपना परचम लहराने के लिए किसी मजबूत स्थानीय चेहरे को मैदान में उतारने की तैयारी में है। वहीं, विपक्षी गठबंधन (आरजेडी और कांग्रेस) भी इस शहरी सीट पर बीजेपी को कड़ी टक्कर देने के लिए साझा उम्मीदवार खड़ा करने की रणनीति बना रहा है। 13 जुलाई को नामांकन की आखिरी तारीख के बाद उम्मीदवारों की अंतिम तस्वीर साफ होगी। दतिया विधानसभा सीट (मध्य प्रदेश)
- सीट क्यों खाली हुई: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट (22-Datia) पर उपचुनाव एक कानूनी मोड़ के कारण हो रहा है। यहां के कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को एक बैंक धोखाधड़ी के मामले में दोषी पाए जाने के बाद जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (RP Act) के तहत विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य (Disqualified) घोषित कर दिया गया था। इसी वजह से यह सीट खाली हुई है।
- चुनावी माहौल और उम्मीदवार: दतिया की सीट मध्य प्रदेश की राजनीति में हमेशा से हॉट सीट रही है। कांग्रेस के लिए जहां अपनी इस सीट को दोबारा जीतना एक बड़ी साख का सवाल है, वहीं बीजेपी इस मौके का पूरा फायदा उठाकर इस सीट पर अपना कब्जा जमाना चाहती है। दोनों ही पार्टियां इस सीट के लिए अपने सबसे जिताऊ और कद्दावर नेताओं के नामों पर मंथन कर रही हैं। मांजलपुर विधानसभा सीट (गुजरात)
- सीट क्यों खाली हुई: गुजरात के वडोदरा क्षेत्र की मांजलपुर विधानसभा सीट (145-Manjalpur) पर उपचुनाव बेहद दुखद वजह से हो रहा है। यहां के दिग्गज बीजेपी विधायक योगेशभाई नारायणदास पटेल का 79 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। वे 1990 से लगातार 8 बार विधायक रहे थे और क्षेत्र में बेहद लोकप्रिय थे। उनके निधन के बाद से ही यह सीट खाली थी।
- चुनावी माहौल और उम्मीदवार: योगेश पटेल के निधन के बाद बीजेपी के लिए इस गढ़ को बचाए रखना और उनके कद के किसी नेता को ढूंढना एक बड़ी चुनौती है। सहानुभूति कार्ड और मजबूत संगठन के दम पर बीजेपी यहां अपनी पकड़ बनाए रखना चाहती है, जबकि विपक्षी दल इस शहरी सीट पर सेंध लगाने की पूरी कोशिश में जुटे हैं।
चुनाव का पूरा शेड्यूल (Important Dates):
- गजट नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख: 6 जुलाई 2026
- नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख: 13 जुलाई 2026
- नामांकन पत्रों की जांच (Scrutiny): 14 जुलाई 2026
- नाम वापस लेने की अंतिम तारीख: 16 जुलाई 2026
- मतदान (Polling Day): 30 जुलाई 2026
- नतीजे (Counting of Votes): 3 अगस्त 2026 बिहार की बांकीपुर, एमपी की दतिया और गुजरात की मांजलपुर सीट पर होने वाले इन उपचुनावों में आपको किस पार्टी का पलड़ा भारी लगता है? क्या विपक्ष इन राज्यों में सत्ताधारी दलों को झटका दे पाएगा? नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय हमारे साथ ज़रूर साझा करें। देश की राजनीति, उपचुनावों की पल-पल की अपडेट और हर एक कड़क व सच्ची रिपोर्ट को सबसे पहले देखने के लिए जुड़े रहिए न्यूज दर्शन News Darshan के साथ।
Saumya Pal
National Desk News darshan



