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पटना कोचिंग वॉर: खान सर को कोर्ट से राहत, तो ज्ञान बिंदु के रौशन आनंद की जमानत क्यों हुई खारिज? जानिए SSP कार्तिकेय शर्मा का वायरल बयान

बिहार की राजधानी पटना में बीते 2 जून की रात को खान सर के कोचिंग संस्थान ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ (KGS) के बाहर हुई अचानक फायरिंग और तोड़फोड़ के मामले ने अब एक बहुत बड़ा कानूनी रूप ले लिया है। इस पूरे हाई-प्रोफाइल विवाद में जहाँ एक तरफ देश के चहेते शिक्षक खान सर को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है और उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई है, वहीं दूसरी तरफ उनके विरोधी कोचिंग संस्थान ‘ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी’ के डायरेक्टर रौशन आनंद को कोई राहत नहीं मिली और उनकी जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी है।

इस बड़े फैसले के बाद से ही छात्र वर्ग और आम जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर एक ही केस से जुड़े दो बड़े गुरुओं के साथ कानून का यह अलग-अलग रुख क्यों है? इसके साथ ही, पटना के नए एसएसपी (SSP) कार्तिकेय शर्मा का एक बयान भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें वे खान सर की गिरफ्तारी और पुलिस की अगली कार्रवाई को लेकर बड़ी बात कहते नजर आ रहे हैं।

आइए सबसे पहले में समझते हैं कि खान सर को राहत क्यों मिली और रौशन आनंद सर अभी भी जेल में क्यों हैं। दरअसल, इस घटना के बाद खान सर के दो सुरक्षा गार्डों को हवा में फायरिंग करने के आरोप में पुलिस ने पकड़ा था। पुलिसिया पूछताछ में उन गार्ड्स ने कथित तौर पर बयान दे दिया कि उन्होंने खान सर के “कहने या निर्देश देने” पर गोलियां चलाई थीं, जिसके बाद पटना पुलिस ने आनन-फानन में खान सर के खिलाफ भी आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली थी।

इसके बाद खान सर के वकील ने जिला अदालत में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की अर्जी लगाई। कोर्ट में सुनवाई के दौरान खान सर के वकील ने दलील दी कि खान सर का इस फायरिंग से सीधा कोई लेना-देना नहीं है और वे गार्ड्स भी किसी थर्ड-पार्टी सुरक्षा एजेंसी के जरिए रखे गए थे। कोर्ट ने इन दलीलों को मानते हुए पुलिस को आदेश दिया कि वे फिलहाल खान सर को गिरफ्तार नहीं कर सकते (Interim Protection), हालांकि पुलिस उनसे पूछताछ करने के लिए पूरी तरह आजाद है। वहीं दूसरी ओर, रौशन आनंद सर को पुलिस ने घटना की रात ही इस शक और आरोप में गिरफ्तार कर लिया था कि खान सर के कोचिंग पर हमला और तोड़फोड़ कराने के पीछे कथित तौर पर उन्हीं का हाथ या साजिश थी।

जब रौशन आनंद की तरफ से रेगुलर जमानत की अर्जी लगाई गई, तो मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अपराध की गंभीरता और पुलिस के शुरुआती सबूतों को देखते हुए उनकी बेल याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। हालांकि, जेल से रौशन आनंद का भी एक बयान सामने आया है जिसमें वे खुद को बेकसूर बताते हुए कह रहे हैं कि बिहार पुलिस कांस्टेबल परीक्षा के नतीजों के बाद उनकी बढ़ती कामयाबी को देखकर उन्हें जानबूझकर इस विवाद में घसीटा और बदनाम किया जा रहा है।

इस पूरे गरमाए माहौल के बीच पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा का मीडिया को दिया गया बयान तेजी से वायरल हो रहा है। जब पत्रकारों ने एसएसपी साहब से खान सर की गिरफ्तारी और पुलिस के अगले कदम पर तीखे सवाल पूछे, तो उन्होंने बेहद सख्त और प्रोफेशनल लहजे में कहा कि यह पूरी तरह से एक क्रिमिनल और शूटिंग से जुड़ा गंभीर मामला है, जिसकी पुलिस बेहद गहराई से जांच कर रही है। वायरल वीडियो में एसएसपी कार्तिकेय शर्मा साफ कहते दिख रहे हैं कि कानून के सामने सब बराबर हैं; इस मामले में जैसे-जैसे वैज्ञानिक और पुख्ता सबूत (Evidence) सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और पकड़े गए सुरक्षा गार्डों के हथियारों को फॉरेंसिक जांच (FSL) के लिए भेजा जा रहा है ताकि सच सामने आ सके।

एसएसपी के इस कड़े रुख से साफ है कि पुलिस दबाव में नहीं है और पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद इस कोचिंग विवाद में कई और बड़े चेहरों पर भी गाज गिर सकती है। बिहार के शिक्षा जगत को हिला देने वाले इस पूरे कोचिंग विवाद और ग्राउंड जीरो से पुलिस की पल-पल की लाइव रिपोर्ट को समझने के लिए जुड़े रहिए New Darsan के साथ।

Saumya Pal
National Desk News Darsan

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