बिहार में मखाना (फॉक्स नट) की खेती लगातार विस्तार कर रही है। केंद्र और राज्य में NDA सरकार द्वारा मखाना क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों के बाद किसानों की रुचि इस फसल की ओर तेजी से बढ़ी है। बिहार देश के कुल मखाना उत्पादन का सबसे बड़ा हिस्सा देता है और मिथिलांचल क्षेत्र इसकी पहचान माना जाता है।
केंद्रीय बजट 2025 में वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने बिहार में मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन को मजबूत करना है। साथ ही किसानों को प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया गया है।
मिथिला मखाना को वर्ष 2022 में GI टैग मिलने के बाद इसकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान बढ़ी है। स्वास्थ्यवर्धक स्नैक के रूप में बढ़ती मांग ने किसानों और व्यापारियों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं।
हाल के वर्षों में मखाना की खेती का क्षेत्रफल बढ़ा है और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। बिहार कृषि विश्वविद्यालय समेत कई संस्थान किसानों को उन्नत किस्मों और आधुनिक तकनीकों की जानकारी दे रहे हैं, जिससे उत्पादन बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रसंस्करण, भंडारण और विपणन व्यवस्था को और मजबूत करना होगा। इसके बावजूद मखाना क्षेत्र में सरकारी निवेश और नई योजनाओं से इस उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
मुख्य बिंदु:-
बिहार देश का प्रमुख मखाना उत्पादक राज्य है।
बजट 2025 में मखाना बोर्ड की घोषणा।
GI टैग मिलने से बढ़ी वैश्विक पहचान।
उत्पादन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग पर सरकार का फोकस।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई योजनाओं पर काम जारी।
Manvee singh
National desk, News darshan.



