Administration Social

रील के चक्कर में खाकी का मज़ाक! पति की वर्दी और दो-दो स्टार लगाकर ‘मोहतरमा’ ने बनाए ठुमके, सोशल मीडिया पर फूटा जनता का गुस्सा

सोशल मीडिया पर स्टार बनने और चंद लाइक्स-व्यूज बटोरने की अंधी दौड़ में लोग इस कदर खो चुके हैं कि वे अब कानून, अनुशासन और गरिमा की मर्यादा भी भूलने लगे हैं। हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया है जहां एक महिला अपने पुलिसकर्मी पति की आधिकारिक वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर ठुमके लगाते हुए रील बनाती नजर आ रही है।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद आम जनता के बीच भारी नाराजगी देखी जा रही है और हर कोई यही कह रहा है कि “वर्दी की अपनी एक प्रतिष्ठा होती है, यह कोई मनोरंजन का साधन नहीं है।” देश की सुरक्षा, अनुशासन और कर्तव्य का प्रतीक मानी जाने वाली खाकी वर्दी को इस तरह रील का खिलौना बनाना न सिर्फ पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करता है, बल्कि यह उन हजारों जवानों के त्याग का भी अपमान है जो दिन-रात इस वर्दी की लाज बचाने के लिए सीमा और सड़कों पर मुस्तैद रहते हैं।

अगर कानून और पुलिस आचरण नियमावली (Police Conduct Rules) की बात करें, तो उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली समेत देश के लगभग सभी राज्यों के पुलिस मुख्यालयों ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर बेहद कड़े दिशानिर्देश (Social Media Policy) जारी कर रखे हैं। इन नियमों के मुताबिक, कोई भी पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान या वर्दी पहनकर व्यक्तिगत मनोरंजन के लिए रील या वीडियो नहीं बना सकता।

इससे भी गंभीर बात यह है कि किसी गैर-विभागीय व्यक्ति को—चाहे वह पत्नी, बच्चा या परिवार का कोई अन्य सदस्य ही क्यों न हो—अपनी सरकारी वर्दी पहनने देना एक बहुत बड़ा कानूनी अपराध और घोर अनुशासनहीनता माना जाता है। देश भर से ऐसे दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं, जहां वर्दी का दुरुपयोग कर रील्स बनाने वाले पुलिसकर्मियों को उनके कप्तानों द्वारा तुरंत प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है, और कई मामलों में तो नौकरी से बर्खास्त करने तक की कार्रवाई की गई है।

सोशल मीडिया की इस रील संस्कृति और पुलिस की खाकी वर्दी के इस तरह के खिलवाड़ पर आपकी क्या राय है? क्या ऐसे लापरवाह पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों पर और ज्यादा सख्त कार्रवाई होनी चाहिए? हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर अपनी राय जरूर बताएं। प्रशासनिक गलियारों के कड़े फैसलों से लेकर समाज और ग्राउंड जीरो की ऐसी ही हर एक बड़ी खबर और सच्चे विश्लेषण को सबसे देखने के लिए जुड़े रहिए न्यूज दर्शन (News Darsan) के साथ।

Saumya Pal
National Desk News Darsan

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *