
नेशनल डेस्क | न्यूज़ दर्शन
उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हाल ही में एक बहुमंजिला कमर्शियल इमारत में भड़की भीषण आग ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक अग्निकांड में 15 लोगों की दम घुटने और जलने के कारण मौत हो गई, जिसमें कानपुर के दो युवा एनीमेशन आर्टिस्ट भी शामिल थे। इस भयावह हादसे के बाद उत्तर प्रदेश शासन और विकास प्राधिकरणों ने राज्य भर में अवैध रूप से चल रहे और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले कोचिंग संस्थानों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और कड़क कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी कड़ी में प्रशासन ने देश के सबसे लोकप्रिय शिक्षकों—खान सर के ‘Khan Global Studies’ और अलख पांडे के ‘Physics Wallah’ (Vidyapeeth) के कोचिंग सेंटर्स को सुरक्षा मानकों में गंभीर कमियां पाए जाने के बाद सील (Seal) कर दिया है। इस अचानक हुए बड़े एक्शन से कोचिंग संचालकों और छात्रों के बीच हड़कंप मच गया है।
कानपुर के काकादेव में ‘Physics Wallah’ समेत 22 कोचिंग सेंटर्स पर ताला
लखनऊ हादसे के ठीक अगले ही दिन कानपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (KDA) की टीमों ने शहर के सबसे बड़े कोचिंग हब ‘काकादेव’ में एक व्यापक और औचक निरीक्षण अभियान चलाया। जांच के दौरान पाया गया कि कई नामी-गिरामी कोचिंग संस्थान बिना फायर एनओसी (NOC), बिना इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन निकास) और अवैध रूप से बेसमेंट या संकरी गलियों में सैकड़ों छात्रों की भीड़ को बिठाकर संचालित किए जा रहे थे। केडीए ने सख्त रुख अपनाते हुए अलख पांडे की ‘Physics Wallah’, वर्कस्पेस, महेंद्रराज और संजीव राठौर केमिस्ट्री जैसी बड़ी और नामचीन संस्थाओं सहित कुल 22 कोचिंग सेंटर्स को मौके पर ही सील कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रयागराज में भी चला चाबुक: ‘Khan Global Studies’ पर लगा सरकारी सील
कानपुर के बाद इस कार्रवाई की आंच प्रदेश के सबसे बड़े एजुकेशनल हब प्रयागराज (इलाहाबाद) तक भी पहुंच गई। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने शहर के सिविल लाइंस और कटरा जैसे प्रमुख इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान पटना वाले मशहूर खान सर के कोचिंग संस्थान ‘Khan Global Studies’ (प्रयागराज शाखा) में भी फायर सेफ्टी और भवन निर्माण मानकों के उल्लंघन की गंभीर खामियां पाई गईं, जिसके बाद टीम ने इसे तुरंत सील कर दिया। खान सर के अलावा एलन (Allen) और तीन अन्य बड़े कोचिंग सेंटरों पर भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की गई है, जबकि दर्जनों अन्य संस्थानों को कानूनी नोटिस थमाकर तय समय सीमा के भीतर जवाब मांगा गया है।
लखनऊ हादसे की इनसाइड स्टोरी: क्यों लेना पड़ा इतना कड़ा फैसला?
दरअसल, लखनऊ के उस तीन मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में लगी आग के दौरान चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई थी। चश्मदीदों और पीड़ितों के परिजनों के मुताबिक, इमारत में लगे ऑटोमैटिक सेंसर गेट्स बिजली कटने के कारण जाम हो गए थे, जिससे अंदर काम कर रहे और पढ़ रहे लोगों को बाहर निकलने का रास्ता ही नहीं मिला। वेंटिलेशन न होने के कारण पूरी बिल्डिंग में जहरीला धुआं भर गया और ज्यादातर लोगों की मौत दम घुटने से हुई। इसी घटना से सबक लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश के विकास प्राधिकरणों को सक्रिय किया गया है। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद स्थानीय छात्रों और अभिभावकों ने प्रशासन पर सवाल भी उठाए हैं कि आखिर जब ये संस्थान सालों से बिना सुरक्षा मानकों के धड़ल्ले से चल रहे थे, तब अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहे थे?
लखनऊ अग्निकांड के बाद खान सर की ‘Global Studies’ और अलख पांडे की ‘Physics Wallah’ जैसी बड़ी संस्थाओं को सील किए जाने के इस सरकारी एक्शन को आप किस तरह देखते हैं? क्या आपको लगता है कि इस तरह की जांच और कार्रवाई नियमित रूप से होनी चाहिए, न कि किसी बड़े हादसे के बाद? नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय हमारे साथ ज़रूर साझा करें। उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, शिक्षा जगत की हलचल और हर एक कड़क व सच्ची खबर को सबसे पहले देखने के लिए जुड़े रहिए न्यूज़ दर्शन (News Darsan)साथ।
Saumya Pal
National Desk News Darshan




