Administration International Politics

67 देशों के वैश्विक मंच पर भारत ने उठाया सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा

भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ अपना सख्त रुख दुनिया के सामने रखा है। 67 देशों के प्रतिनिधियों की एक उच्चस्तरीय बैठक में भारत ने स्पष्ट कहा कि सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। भारत ने सभी देशों से आतंकवाद को बढ़ावा देने या पनाह देने वाले देशों के खिलाफ एकजुट होकर सख्त कार्रवाई करने की अपील की।

67 देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी वाले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत ने सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा मजबूती से उठाया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि आतंकवाद को किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता और दुनिया को आतंक के हर नेटवर्क के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी चाहिए।

भारत ने जोर देकर कहा कि जो देश आतंकवादी संगठनों को सुरक्षित पनाहगाह, आर्थिक मदद, प्रशिक्षण या किसी भी तरह का लॉजिस्टिक समर्थन देते हैं, उन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। भारत ने यह भी दोहराया कि आतंकियों, उनके फंडिंग नेटवर्क और उन्हें राजनीतिक या सैन्य समर्थन देने वालों के बीच किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए।

भारत ने कहा कि सीमा पार आतंकवाद केवल किसी एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि यह क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक विकास और वैश्विक सहयोग के लिए भी गंभीर खतरा है। इस चुनौती से निपटने के लिए भारत ने देशों के बीच बेहतर खुफिया जानकारी साझा करने, समन्वित कार्रवाई और वैश्विक आतंकवाद-रोधी तंत्र को और प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने आतंकवाद की फंडिंग, ऑनलाइन कट्टरपंथ और नई तकनीकों के दुरुपयोग पर भी चिंता जताई। भारत ने कहा कि आतंकवादी संगठनों तक धन, हथियार और सुरक्षित ठिकानों की पहुंच हर हाल में रोकी जानी चाहिए, ताकि उनकी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

भारत ने दोहराया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई तभी सफल हो सकती है, जब पूरी दुनिया बिना किसी राजनीतिक पक्षपात के एकजुट होकर कार्रवाई करे। भारत ने सभी देशों से आतंकवादी ढांचे को पूरी तरह खत्म करने और अंतरराष्ट्रीय कानून का निष्पक्ष पालन सुनिश्चित करने की अपील की।

67 देशों के इस वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत और स्पष्ट आवाज़ ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकता। सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक जवाबदेही और साझा कार्रवाई की मांग के साथ भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट होकर इस गंभीर चुनौती का मुकाबला करने का आह्वान किया।

Shreya singh,
National desk,News darshan.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *