Administration Politics Social

स्वतंत्रता दिवस पर ‘वंदे मातरम’ विवाद: राहुल, सोनिया और खड़गे के खिलाफ सड़कों पर उतरा भाजयुमो और महिला मोर्चा , फूंका राहुल गांधी का पुतला ; दिल्ली से कर्नाटक तक पुलिस शिकायतें दर्ज

नई दिल्ली : देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) के अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के मुख्यालय में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गायन के दौरान हुए कथित विवाद ने अब एक बड़े राष्ट्रव्यापी राजनीतिक संग्राम का रूप ले लिया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) और भाजपा महिला मोर्चा की अगुवाई में देश के कई राज्यों में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व—राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे—के खिलाफ उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। वहीं, कानूनी मोर्चे पर भी कांग्रेस नेताओं की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं, क्योंकि दिल्ली से लेकर कर्नाटक और ओडिशा तक पुलिस में उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।

क्या है पूरा विवाद ?

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जहां पहली बार राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण (Full Rendition) बजाया जा रहा था। विवाद तब शुरू हुआ जब कार्यक्रम के लाइव स्ट्रीम और टेलीविजन फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। भाजपा नेताओं का आरोप है कि जब राष्ट्रगीत बज रहा था, तब कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी असहज नजर आईं और उन्होंने कथित तौर पर बीच में ही राष्ट्रगीत को रुकवाने के लिए हाथ से इशारा किया। भाजपा ने यह भी दावा किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे आपस में बातचीत कर रहे थे और राष्ट्रगीत के प्रति गंभीर नहीं थे। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी और संबित पात्रा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने इसे राष्ट्रीय प्रतीकों और देश की संप्रभुता का घोर अनादर बताया है।

भाजपा का आरोप : भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया कि जब राष्ट्रगीत के अगले छंद (stanzas) बज रहे थे, तब कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी असहज नजर आईं और उन्होंने कथित तौर पर राष्ट्रगीत को बीच में ही रुकवाने के लिए हाथ से दो बार इशारा किया।

हॉट-माइक’ ऑडियो का दावा : भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने मीडिया के सामने एक कथित ऑडियो क्लिप भी जारी की, जिसमें उनका दावा है कि राष्ट्रगीत पूरा होने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को यह कहते सुना जा सकता है कि “हमें वंदे मातरम गाने की जरूरत नहीं है”। भाजपा ने इसे राष्ट्रीय प्रतीकों और स्वतंत्रता सेनानियों का घोर अनादर बताया है।

सड़कों पर भाजयुमो और महिला मोर्चा का महासंग्राम (Nationwide Protests)

इस कथित अपमान के खिलाफ भाजपा के युवा और महिला विंग ने मोर्चा खोल दिया है:

पुतला दहन और नारेबाजी : दिल्ली, रांची, भोपाल, कोलकाता और अमृतसर सहित देश के प्रमुख शहरों में भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व और विशेष रूप से राहुल गांधी का पुतला फूंका। सड़कों पर ‘वंदे मातरम का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे गूंज रहे हैं।

महिला मोर्चा का नेतृत्व : देशव्यापी प्रदर्शनों में महिला मोर्चा के साथ-साथ कई स्थानीय और राष्ट्रवादी संगठनों (जैसे काली सेना की महिला विंग) की पदाधिकारी और कार्यकर्ता अग्रिम पंक्ति में नजर आईं। उन्होंने हाथों में सोनिया और राहुल गांधी के पोस्टरों वाली तख्तियां लेकर कांग्रेस कार्यालयों के बाहर ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गान किया और अपना कड़ा विरोध जताया।

मशाल जुलूस : ग्वालियर, मुंबई, ईटानगर और सिलीगुड़ी जैसे शहरों में शाम के समय कैंडल मार्च और मशाल जुलूस निकाले गए।

कानूनी शिकंजा: दर्ज हुईं पुलिस शिकायतें

मामला सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि कानूनी रूप से भी कांग्रेस नेताओं को घेरने की तैयारी है:

दिल्ली पुलिस में शिकायत : दिल्ली पुलिस के पास एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की गई है। इस शिकायत में ‘प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर (अमेंडमेंट) बिल, 2026’ (राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण संशोधन विधेयक, 2026) और सुप्रीम कोर्ट के 2018 के श्याम नारायण चौकसे मामले के ऐतिहासिक फैसले का हवाला दिया गया है।

कर्नाटक और ओडिशा में एक्शन : कर्नाटक के मंगलुरु (उर्वा पुलिस स्टेशन) में भाजपा नेताओं ने सोनिया गांधी के खिलाफ लिखित शिकायत दी है। वहीं, ओडिशा भाजपा युवा मोर्चा ने भी भुवनेश्वर में मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ राष्ट्रीय सम्मान को ठेस पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज करने की मांग की है।

दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में पुष्टि की है कि वे शिकायत के आधार पर मामले की प्रारंभिक जांच (Enquiry) कर रहे हैं।

कांग्रेस का पलटवार: ‘बीजेपी फैला रही है फेक न्यूज’

चौतरफा हमलों के बीच कांग्रेस पार्टी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज और बकवास करार दिया है:

कुर्सी मंगाने का दावा : कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगीत को बीच में बिल्कुल नहीं रोका गया और उसका पूरा संस्करण आदरपूर्वक गाया गया। वीडियो में दिख रहे इशारों पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी केवल काफी देर से खड़े कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (जो अस्वस्थ महसूस कर रहे थे) के बैठने के लिए मंच के पीछे किसी को कुर्सी लाने का इशारा कर रही थीं।

एडिटेड वीडियो का आरोप : कांग्रेस प्रवक्ताओं का कहना है कि भाजपा अपनी विफलताओं और मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए वीडियो क्लिप को आधा-अधूरा और भ्रामक सबटाइटल्स के साथ सोशल मीडिया पर फैलाकर घटिया राजनीति कर रही है।

क्या है ‘वंदे मातरम’ का नया विवाद ?

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह विवाद हाल ही में संसद के मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रगीत की स्थिति को लेकर हुई बहस से जुड़ा है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय कार्यक्रमों में वंदे मातरम के पहले दो छंदों (Stanzas) के बजाय इसके पूर्ण संस्करण (Full Rendition) को गाने/बजाने पर जोर दिया है। कांग्रेस पारंपरिक रूप से इसके पहले दो छंदों को अपनाती आई है, और पहली बार कांग्रेस मुख्यालय पर पूरा गाना बजाए जाने के दौरान यह असमंजस और विवाद की स्थिति पैदा हुई।

राजनीतिक हलकों में यह बहस अभी और लंबी खिंचने की उम्मीद है, क्योंकि भाजपा इसे राष्ट्रवाद और देशभक्ति के मुद्दे से जोड़कर आगामी चुनावों में भुनाने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस इसे पूरी तरह से ‘मैनुफैक्चर्ड’ (मनगढ़ंत) विवाद बता रही है।

रिया मिश्रा

नेशनल डेस्क | न्यूज़ दर्शन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *