फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं, जहां वैश्विक नेता 52वें जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। इस सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच होने वाली मुलाकात सबसे बहुप्रतीक्षित क्षणों में से एक मानी जा रही है। दोनों नेताओं के बीच पिछले 16 महीनों में यह पहली आमने-सामने की बैठक होगी और भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह उनका पहला द्विपक्षीय संवाद भी होगा। प्रधानमंत्री मोदी के फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अन्य विश्व नेताओं के साथ भी सम्मेलन के इतर महत्वपूर्ण बैठकें करने की उम्मीद है। आइए देखते हैं हमारी विशेष रिपोर्ट।
एवियन-ले-बैंस, फ्रांस का एक खूबसूरत शहर, अब वैश्विक कूटनीति का केंद्र बन गया है, जहां दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता 52वें जी7 शिखर सम्मेलन में जुटे हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मेजबानी में आयोजित यह शिखर सम्मेलन 15 जून से 17 जून तक चलेगा। सम्मेलन के प्रमुख मुद्दों में वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, व्यापार और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी संघर्ष शामिल हैं।
भारत, जी7 का सदस्य न होने के बावजूद, एक आउटरीच पार्टनर के रूप में इस सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है। वैश्विक मंच पर भारत का बढ़ता प्रभाव और ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज के रूप में उसकी भूमिका इस निमंत्रण का प्रमुख कारण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत इस मंच का उपयोग विकासशील देशों की चिंताओं और आकांक्षाओं को दुनिया के सामने रखने के लिए करेगा। यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह ऑपरेशन सिंदूर के बाद हो रही है, जिसने क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी चर्चाओं को नई दिशा दी है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों वैश्विक नेताओं के बीच महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनाने और जी7 देशों के भीतर मतभेदों को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब दुनिया कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। इनमें यूक्रेन में जारी युद्ध, पश्चिम एशिया में बढ़ती अस्थिरता और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं प्रमुख हैं।
भारत और फ्रांस के बीच मजबूत होती रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ भी महत्वपूर्ण बातचीत करेंगे। दोनों नेता रक्षा विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा कर सकते हैं।
फ्रांस में जारी इस शिखर सम्मेलन के बीच दुनिया की नजरें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात पर टिकी हुई हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह बैठक व्यापार, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और वैश्विक शासन के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग को नई मजबूती दे पाएगी। जी7 शिखर सम्मेलन से जुड़े हर बड़े अपडेट के लिए बने रहिए हमारे साथ।
नंदिनी चौहान, नेशनल डेस्क, न्यूज़ दर्शन।




