भारत के स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। कतर में आयोजित दोहा डायमंड लीग 2026 में नीरज ने 85.69 मीटर का थ्रो कर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए क्वालीफाई कर लिया। हालांकि वह इस प्रतियोगिता में पदक नहीं जीत सके और चौथे स्थान पर रहे, लेकिन उनका प्रदर्शन आगामी बड़े टूर्नामेंटों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
दोहा डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा ने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास में 85.69 मीटर दूर भाला फेंका। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए आवश्यक क्वालीफिकेशन मानक को हासिल कर लिया।
प्रतियोगिता में दुनिया के कई शीर्ष जेवलिन थ्रोअर शामिल थे, जिसके चलते मुकाबला बेहद कड़ा रहा। नीरज लगातार अच्छी लय में नजर आए, लेकिन पदक की दौड़ में वह चौथे स्थान पर रहे।
नीरज चोपड़ा पिछले कुछ वर्षों से भारतीय एथलेटिक्स का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं। ओलंपिक और विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन के बाद उनसे हर टूर्नामेंट में बड़ी उम्मीदें जुड़ी रहती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सीजन के शुरुआती चरण में 85 मीटर से अधिक का थ्रो करना नीरज के लिए अच्छा संकेत है। आने वाले महीनों में वह अपनी तकनीक और फिटनेस को और बेहतर बनाकर बड़े आयोजनों में पदक जीतने की कोशिश करेंगे।
अब नीरज चोपड़ा का लक्ष्य कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 और विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना होगा। भारतीय खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि वह आने वाले समय में फिर से देश को गौरवान्वित करेंगे।
दोहा में भले ही नीरज चोपड़ा पदक से चूक गए हों, लेकिन कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए उनका क्वालीफाई करना भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि है। अब सभी की नजरें उनके अगले मुकाबलों पर टिकी हैं।
तान्या भारती
न्यूज़ दर्शन | स्पोर्ट्स डेस्क




