पटना की प्रतिष्ठित बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई 2026 को होने वाला उपचुनाव अब राजनीतिक रूप से बेहद दिलचस्प होता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई इस सीट पर सभी प्रमुख दल अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। इसी बीच जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर के स्वयं चुनाव मैदान में उतरने की संभावना ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है।
बांकीपुर विधानसभा सीट को बिहार की सबसे चर्चित और प्रतिष्ठित सीटों में गिना जाता है। लंबे समय से इस सीट पर भाजपा का मजबूत जनाधार रहा है। ऐसे में यहां होने वाला उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि राज्य की बदलती राजनीतिक तस्वीर का संकेत भी माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, यदि प्रशांत किशोर इस सीट से चुनाव लड़ते हैं तो यह उनके राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा चुनावी इम्तिहान होगा। जन सुराज पार्टी इसे अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने का अवसर मान रही है, जबकि भाजपा अपने पारंपरिक गढ़ को बचाए रखने की पूरी कोशिश करेगी। दूसरी ओर महागठबंधन भी इस सीट पर मजबूत उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जनता का रुझान समझने का महत्वपूर्ण पैमाना बन सकते हैं। यही वजह है कि सभी दल इस चुनाव को प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देख रहे हैं।
अब सभी की निगाहें उम्मीदवारों की अंतिम घोषणा और चुनावी प्रचार पर टिकी हैं। यदि प्रशांत किशोर मैदान में उतरते हैं तो बांकीपुर का यह उपचुनाव बिहार की राजनीति के सबसे चर्चित मुकाबलों में शामिल हो सकता है।
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