नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर रविवार को बड़ी संख्या में वाहन मालिकों ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि E20 ईंधन के उपयोग के बाद उनके वाहनों का माइलेज कम हो गया है और कई वाहनों में इंजन से जुड़ी तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। इस कारण उन्हें अतिरिक्त रखरखाव और मरम्मत का खर्च उठाना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सरकार से E20 ईंधन नीति की समीक्षा करने और वाहन मालिकों की शिकायतों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर अपनी नाराजगी जताई और कहा कि जब तक उनकी चिंताओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक इस तरह का विरोध जारी रहेगा।
वाहन मालिकों का आरोप है कि जिन वाहनों को विशेष रूप से E20 ईंधन के अनुरूप तैयार नहीं किया गया है, उनमें इसके इस्तेमाल से प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है। उनका कहना है कि सरकार को इस ईंधन को व्यापक स्तर पर लागू करने से पहले सभी प्रकार के वाहनों पर इसके प्रभाव का विस्तृत अध्ययन सार्वजनिक करना चाहिए।
वहीं, सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि E20 ईंधन देश में पेट्रोल पर निर्भरता कम करने, विदेशी मुद्रा की बचत करने और प्रदूषण में कमी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का दावा है कि नए E20-अनुकूल वाहनों में इस ईंधन के उपयोग से किसी प्रकार की तकनीकी समस्या नहीं होती।
हालांकि, वाहन मालिकों की बढ़ती शिकायतों के बीच यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने वाहनों और नए E20-अनुकूल वाहनों के बीच अंतर को स्पष्ट रूप से समझाना तथा उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति से बचा जा सके।
फिलहाल, प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि वाहन मालिकों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आवश्यक हो तो E20 ईंधन के क्रियान्वयन से जुड़ी नीतियों में उचित संशोधन किया जाए।
nandini chauhan
national desk, news darshan.




