बिहार में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) कथित तौर पर TRE 4.0 के लिए दो-स्तरीय चयन प्रणाली लागू करने पर विचार कर रहा है, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा (PT) और मुख्य परीक्षा (Mains) शामिल होगी। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो वर्तमान एकल परीक्षा प्रणाली की जगह नई व्यवस्था लागू होगी और लाखों अभ्यर्थियों की तैयारी की रणनीति भी बदल जाएगी। इस प्रस्तावित बदलाव का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और मेरिट आधारित बनाना है, साथ ही बड़ी संख्या में आने वाले आवेदनों का प्रभावी प्रबंधन करना भी है।
बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE) के पिछले तीन चरणों में अभ्यर्थियों का चयन एकल लिखित परीक्षा और उसके बाद दस्तावेज़ सत्यापन के आधार पर किया गया था। परीक्षा में सामान्यतः भाषा, सामान्य अध्ययन और विषय-विशेष से जुड़े प्रश्न शामिल होते थे, जो कुल 150 अंकों के होते थे। परीक्षा वस्तुनिष्ठ (Objective) प्रकृति की होती थी और ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाती थी।
प्रस्तावित ढांचे के अनुसार, प्रारंभिक परीक्षा (PT) एक स्क्रीनिंग टेस्ट के रूप में कार्य करेगी, जिसके माध्यम से मुख्य परीक्षा के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। PT में सामान्य ज्ञान, समसामयिक घटनाएं, तार्किक क्षमता, बिहार से जुड़े विषय और बुनियादी शिक्षण अभिरुचि (Teaching Aptitude) जैसे विषय शामिल हो सकते हैं। केवल कटऑफ अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी ही मुख्य परीक्षा में बैठ सकेंगे। इससे उम्मीदवारों की संख्या सीमित होगी और अंतिम चयन प्रक्रिया अधिक प्रभावी ढंग से संचालित की जा सकेगी।
PT का उद्देश्य केवल योग्य अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए छांटना होगा। संभावना है कि PT में प्राप्त अंक अंतिम मेरिट सूची में शामिल न किए जाएं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि आयोग की अधिसूचना जारी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल परीक्षा पैटर्न को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
यदि मुख्य परीक्षा (Mains) लागू की जाती है, तो अंतिम मेरिट निर्धारण में इसकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। इसमें विषय संबंधी ज्ञान, शिक्षाशास्त्र (Pedagogy), भाषा दक्षता और शिक्षा संबंधी समझ जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि दो-स्तरीय परीक्षा प्रणाली भर्ती की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि चयनित शिक्षक सामान्य जागरूकता के साथ-साथ अपने विषय में भी मजबूत पकड़ रखते हों।
कोचिंग संस्थानों और शिक्षा विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों को अभी से बिहार सामान्य ज्ञान, समसामयिक घटनाएं, रीजनिंग और शिक्षण अभिरुचि के साथ-साथ अपने मुख्य विषयों की तैयारी मजबूत करने की सलाह देना शुरू कर दिया है।
चाहे आयोग प्रस्तावित PT-Mains पैटर्न को अपनाए या वर्तमान व्यवस्था को जारी रखे, अभ्यर्थियों को अधिक प्रतिस्पर्धी और कठिन चयन प्रक्रिया के लिए तैयार रहना होगा। फिलहाल सभी उम्मीदवार BPSC की ओर से आने वाले हर अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि आयोग का अंतिम निर्णय बिहार के हजारों भावी शिक्षकों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
Shreya Singh,
National desk,News darshan.




