नई दिल्ली, क्राइम ब्यूरो : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्रीय जांच एजेंसियों ने सोने के अवैध कारोबार और अंतरराष्ट्रीय स्मगलिंग सिंडिकेट पर अब तक की सबसे बड़ी चोट की है। एक बेहद सटीक और खुफिया इनपुट के आधार पर डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) और सीमा शुल्क (Customs) विभाग की संयुक्त टीम ने 30 जून 2026 को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर एक बड़ा ऑपरेशन चलाया। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कई संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर करीब ₹21 करोड़ मूल्य का अवैध सोना जब्त किया गया है।
पकड़े गए इस सोने की शुद्धता शत-प्रतिशत बताई जा रही है, जिसे बेहद शातिराना तरीके से देश के भीतर खपाने की तैयारी थी। जांच एजेंसियों ने इस कार्रवाई के दौरान रैकेट के मुख्य सरगना सहित कई कूरियर और स्थानीय एजेंटों को भी दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है।
कैसे हुआ भंडाफोड़? तस्करों का हैरान करने वाला ‘मोडस ऑपरेंडी’
अधिकारियों से मिली इनसाइड स्टोरी के अनुसार, इस पूरे रैकेट को दुबई और बैंकॉक जैसे विदेशी रूटों से संचालित किया जा रहा था और इसे भारत लाने के लिए तस्करों ने बेहद हाईटेक और चौंकाने वाले तौर-तरीके अपनाए थे। तस्करों ने सीमा शुल्क विभाग की नजरों से बचने के लिए सोने को लिक्विड और पेस्ट फॉर्म (सोने का गाढ़ा लेप) में बदल दिया था, जिसे उन्होंने विशेष रूप से तैयार किए गए अंडरगारमेंट्स और कपड़ों की परतों के बीच छुपाया हुआ था।
इसके अलावा, कुछ कूरियर ने सोने को लैपटॉप की बैटरी, जूसर मिक्सर की मोटरों और हवाई जहाज की सीटों के नीचे बनी गुप्त कैविटी (खोखली जगहों) के भीतर फिट किया था। 30 जून को जैसे ही ये संदिग्ध कूरियर दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरे, पहले से जाल बिछाकर बैठी DRI की विशेष टीम ने उन्हें ग्रीन चैनल पार करने से पहले ही दबोच लिया और मेटल डिटेक्टर व एक्स-रे स्कैनिंग के जरिए इस पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया।
हवाई अड्डे पर हुई शुरुआती पूछताछ के बाद मामले ने और बड़ा रूप ले लिया। पकड़े गए कूरियर के बयानों के आधार पर जांच एजेंसियों ने उसी रात दिल्ली के चांदनी चौक और करोल बाग स्थित कुछ बड़े सर्राफा व्यापारियों के ठिकानों पर देर रात छापेमारी की। वहां से भारी मात्रा में नगदी और पूर्व में तस्करी कर लाया गया अतिरिक्त सोना भी बरामद हुआ, जिससे कुल जब्ती का आंकड़ा सीधे ₹21 करोड़ के पार पहुंच गया।
कस्टम और DRI की टीमें अब पूरे नेटवर्क की कुंडली खंगालने में जुट गई हैं। पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल डेटा, वित्तीय लेन-देन और हवाला नेटवर्क की कड़ाई से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस सिंडिकेट के तार देश के और किन-किन बड़े शहरों से जुड़े हुए हैं। इस बड़ी कार्रवाई के बाद दिल्ली सहित देश के सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर सुरक्षा व्यवस्था और सर्विलांस को बेहद कड़ा कर दिया गया है।
30 जून को दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़े गए इस ₹21 करोड़ के विशाल गोल्ड स्मगलिंग रैकेट और तस्करों द्वारा अपनाए गए इस हैरान करने वाले तरीके पर आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि सुरक्षा एजेंसियों की इस मुस्तैदी से ऐसे अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट्स की कमर टूटेगी? नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय हमारे साथ ज़रूर साझा करें। अपराध, अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और हर एक कड़क व सच्ची खबर को सबसे पहले देखने के लिए जुड़े रहिए न्यूज़ दर्शन (News Darsan) साथ।
Saumya Pal
National Desk News Darsan




