नई दिल्ली : देशभर के वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर है। निजी ईंधन कंपनी नायरा एनर्जी ने 1 जुलाई 2026 से अपने सभी रिटेल पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी कटौती की घोषणा की है। कंपनी ने “पेट्रोल की कीमत में ₹5 प्रति लीटर” और “डीजल की कीमत में ₹3 प्रति लीटर” की कमी की है। इसे पिछले दो वर्षों से अधिक समय में ईंधन की सबसे बड़ी खुदरा मूल्य कटौतियों में से एक माना जा रहा है।
कंपनी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में लगातार नरमी, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव में कमी और वैश्विक ईंधन आपूर्ति में सुधार के कारण ईंधन की लागत घटी है। इसी का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से कंपनी ने यह फैसला लिया है। नायरा एनर्जी का कहना है कि वह बाजार की परिस्थितियों के अनुरूप उपभोक्ताओं को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर ईंधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
हालांकि, यह नई कीमतें फिलहाल केवल नायरा एनर्जी के पेट्रोल पंपों पर ही लागू होंगी। देश की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां— इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) —ने अभी तक पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में किसी प्रकार की कटौती की घोषणा नहीं की है। ऐसे में इन कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर फिलहाल पुराने दाम ही लागू रहेंगे।
ईंधन की कीमतों में कटौती के साथ-साथ “19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर” की कीमत में भी “₹183.50” की कमी की गई है। इससे होटल, रेस्तरां, ढाबे, कैटरिंग सेवाओं और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, “14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर” की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है, इसलिए घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल कीमतें पहले जैसी ही रहेंगी।
इस बीच, केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर लागू अस्थायी प्रतिबंध भी हटा दिए हैं, जो वैश्विक आपूर्ति संबंधी चिंताओं के बीच लगाए गए थे। सरकार के इस फैसले से देशभर में ईंधन की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था के और बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में आई यह कमी परिवहन लागत घटाने में मदद करेगी, जिससे ट्रांसपोर्ट सेक्टर, लॉजिस्टिक्स कंपनियों, टैक्सी और व्यावसायिक वाहन संचालकों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी। यदि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं, तो अन्य तेल विपणन कंपनियां भी अपनी खुदरा कीमतों की समीक्षा कर सकती हैं।
फिलहाल, इस कटौती का सीधा लाभ उन उपभोक्ताओं को मिलेगा जो नायरा एनर्जी के पेट्रोल पंपों से ईंधन भरवाते हैं। उद्योग जगत की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां भी जल्द ईंधन की कीमतों में कटौती का ऐलान करती हैं।
Mantasha neyaz
National desk , news darshan




