नई दिल्ली : सोशल मीडिया पर इन दिनों सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो देखकर कई लोग यह मान रहे हैं कि अदालत में हंगामा करने वाला व्यक्ति एक वकील था। लेकिन पड़ताल में सामने आया है कि वह अधिवक्ता नहीं, बल्कि ‘पार्टी-इन-पर्सन’ के रूप में खुद अपना मुकदमा लड़ रहा एक याचिकाकर्ता था।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता का व्यवहार अचानक उग्र हो गया, जिससे कुछ देर के लिए अदालत की कार्यवाही प्रभावित हुई। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने उसे कोर्टरूम से बाहर ले जाकर स्थिति को सामान्य किया। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है।
वायरल वीडियो के बाद कई तरह की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। हालांकि, अब तक सुप्रीम Court की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान या आदेश सामने नहीं आया है, जिसमें याचिकाकर्ता की मानसिक स्थिति या नशे की हालत को लेकर कोई टिप्पणी की गई हो। इसलिए इस संबंध में किए जा रहे दावों की पुष्टि नहीं की जा सकती।
इस घटना ने एक बार फिर ‘पार्टी-इन-पर्सन’ व्यवस्था को चर्चा में ला दिया है। भारतीय न्याय व्यवस्था में किसी भी व्यक्ति को, यदि वह चाहे, बिना वकील के स्वयं अदालत में अपना पक्ष रखने का अधिकार है। इसी व्यवस्था के तहत संबंधित याचिकाकर्ता भी सुप्रीम कोर्ट में स्वयं अपनी पैरवी कर रहा था।
फिलहाल, वायरल वीडियो से जुड़ी सबसे बड़ी सच्चाई यही है कि हंगामा करने वाला व्यक्ति कोई वकील नहीं था, बल्कि अपनी ओर से स्वयं अदालत में पेश हुआ एक याचिकाकर्ता था।
— अभय कुमार
Lead Content and Media Relations Associate
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