उत्तराखंड सरकार ने आईटी प्रोफेशनल्स, फ्रीलांसर्स, रिमोट वर्कर्स, उद्यमियों और स्टार्टअप्स को राज्य के खूबसूरत पर्वतीय क्षेत्रों की ओर आकर्षित करने के लिए नई ‘वर्क फ्रॉम माउंटेन्स’ नीति की घोषणा की है।
इस नीति के तहत सरकार विशेष “’वर्केशन होम’” विकसित करेगी, जहाँ आधुनिक कार्यस्थल के साथ “मुफ्त हाई-स्पीड इंटरनेट” की सुविधा उपलब्ध होगी। इसका उद्देश्य यह है कि लोग हिमालय की शांत और प्राकृतिक वादियों में रहकर बिना किसी बाधा के अपना काम कर सकें।
सरकार के अनुसार, इस पहल से बेहतर “वर्क-लाइफ बैलेंस” को बढ़ावा मिलेगा, पर्यटन क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। वर्केशन होम शुरू होने से होमस्टे, कैफे, रेस्तरां, स्थानीय परिवहन और छोटे व्यवसायों की मांग बढ़ने की उम्मीद है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।
इन वर्केशन होम्स को राज्य के चुनिंदा पर्यटन स्थलों पर विकसित किया जाएगा। इनमें विश्वसनीय इंटरनेट कनेक्टिविटी, निर्बाध बिजली आपूर्ति, आरामदायक कार्यस्थल और लंबे समय तक रिमोट वर्क करने के लिए आवश्यक सभी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
राज्य सरकार का मानना है कि यह नीति उत्तराखंड को “डिजिटल नोमैड्स” और रिमोट प्रोफेशनल्स के लिए देश के प्रमुख गंतव्यों में शामिल करेगी। साथ ही, यह सतत पर्यटन (सस्टेनेबल टूरिज्म) को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाकर पहाड़ों से पलायन को कम करने में भी मदद करेगी।
दुनियाभर में रिमोट और हाइब्रिड वर्क संस्कृति के बढ़ते चलन के बीच उत्तराखंड की ‘वर्क फ्रॉम माउंटेन्स’ पहल को तकनीक, पर्यटन और प्रकृति का अनूठा संगम माना जा रहा है, जो पेशेवरों को काम और बेहतर जीवनशैली का नया अनुभव प्रदान करेगी।
Mantasha neyaz
National desk , news darshan




