उत्तराखंड के पवित्र तीर्थस्थल हरिद्वार से एक बेहद चौंकाने वाली और डराने वाली खबर सामने आई है, जिसने सफर करने वाले आम यात्रियों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। हरिद्वार के मुख्य पार्किंग स्टैंड से बाहर निकलते ही कोटा, राजस्थान की तरफ जा रही ‘बाबू ट्रेवल्स’ की एक चलती हुई लग्जरी स्लीपर बस में अचानक भयंकर आग लग गई। गनीमत यह रही कि हादसा पार्किंग स्टैंड के बिल्कुल पास हुआ,
जिससे बस की रफ्तार कम थी और जैसे ही इंजन से धुआं और लपटें उठती दिखीं, ड्राइवर और वहां मौजूद लोगों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाई। बस के भीतर मौजूद सभी यात्रियों को आनन-फानन में सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बहुत बड़ा टर्निंग पॉइंट यह रहा कि इस हादसे में कोई भी हतहत नहीं हुआ और किसी की जान नहीं गई। लेकिन देखते ही देखते आग इतनी तेजी से फैली कि उसने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया और 36 स्लीपर वाली यह पूरी की पूरी बस जलकर लोहे का कंकाल बन गई।
शुरुआती जांच और मौके पर मौजूद एक्सपर्ट्स का कहना है कि बस की इंटरनल वायरिंग में हुए अचानक शॉर्ट सर्किट की वजह से यह हादसा हुआ, जिसने चंद मिनटों में लाखों की बस को मलबे में तब्दील कर दिया।
अगर इस साल यानी 2026 के आंकड़ों और देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई घटनाओं पर गहरी रिसर्च करें, तो चलती गाड़ियों में इस तरह अचानक आग लगने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसी साल मार्च 2026 के महीने में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर एक बड़ा हादसा होते-होते बचा था, जब एक चलती हुई एसयूवी (SUV) कार के बोनट से अचानक आग की लपटें उठने लगी थीं और ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए पूरी फैमिली को चलती गाड़ी से तुरंत नीचे उतारा था।
इसके ठीक बाद अप्रैल 2026 में मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के घाट सेक्शन पर एक भारी मालवाहक ट्रक के इंजन में ओवरहीटिंग की वजह से इतनी भयंकर आग लगी कि उसके टायरों में ब्लास्ट होने लगा था, जिससे एक्सप्रेसवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया था।
इतना ही नहीं, मई 2026 की शुरुआत में हैदराबाद के आउटर रिंग रोड पर भी एक ऐसी ही प्राइवेट स्लीपर बस के पिछले हिस्से में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई थी। ये लगातार होती घटनाएं साफ बताती हैं कि साल 2026 में गाड़ियों का अचानक आग का गोला बनना एक बहुत बड़ा और गंभीर ट्रेंड बनता जा रहा है, जिससे निपटने के लिए अब सख्त कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया है।
ऑटोमोबाइल इंजीनियरों और एक्सपर्ट्स की मानें तो इन सभी हादसों के पीछे कुछ बहुत ही आम लेकिन बेहद खतरनाक कारण छिपे होते हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। सबसे बड़ा कारण होता है गाड़ियों की ओरिजिनल वायरिंग के साथ छेड़छाड़ करना; आजकल लोग अपनी कारों या बसों में बाहर की दुकानों से हैवी लाइट्स, महंगे म्यूजिक सिस्टम या उल्टे-सीधे गैजेट्स लगवा लेते हैं,जिसके लिए लोकल मैकेनिक तारों को काटकर टेप चिपका देते हैं और यही आगे चलकर शॉर्ट सर्किट की सबसे बड़ी वजह बनता है।
दूसरा बड़ा कारण होता है भीषण गर्मी में गाड़ियों को लगातार बिना रुके लंबी दूरी तक दौड़ाना, जिससे इंजन का कूलेंट खत्म हो जाता है और इंजन ओवरहीट होकर आग पकड़ लेता है।
इसके अलावा कई बार सीएनजी (CNG) किट या फ्यूल पाइपलाइन में मामूली लीकेज होना भी इंजन की गर्मी मिलते ही ब्लास्ट का रूप ले लेता है।
हरिद्वार का यह बस हादसा हम सभी के लिए एक बहुत बड़ी चेतावनी है कि सफर पर निकलने से पहले गाड़ियों की फिटनेस जांचना कितना जरूरी है। हरिद्वार से लेकर देश के हर कोने की ऐसी ही बड़ी दुर्घटनाओं और खोजी खबरों की पल-पल की लाइव रिपोर्ट को सबसे पहले जानने और समझने के लिए जुड़े रहिए न्यूज दर्शन (News Darsan) के साथ।



