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Game Changers: बिना किसी गॉडफादर के मार्केट में अपनी पहचान बनाने वाले 20 लोगों की कहानी, इस बार बुक में शामिल हैं ‘चाय सेठ’ के फाउंडर अर्पित राज!

हमारे रीडर्स के लिए एक बहुत ही कमाल की और गर्व करने वाली खबर है।मशहूर Jaico Publishing House एक बेहद खास और नई किताब लेकर आया है, जिसका नाम है “Game Changers: Lessons on Resilience and Success from Everyday Heroes“। इस किताब के लेखक उदय शंकर (Uday Shankar) हैं, जो एक अनुभवी टेलीकॉम प्रोफेशनल, मेंटर और कॉर्पोरेट स्ट्रेटेजिस्ट हैं।

टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में 25 सालों का लंबा अनुभव रखने वाले डॉ. उदय शंकर ‘Corporate Cowtilya’ के फाउंडर भी हैं, जो प्राचीन ज्ञान के जरिए आज की कॉर्पोरेट चुनौतियों को सुलझाने का काम करते हैं। आध्यात्मिकता, संस्कृति और लाइफ स्किल्स में गहरी रुचि रखने वाले डॉ. उदय शंकर की यह तीसरी किताब है। यह बेहतरीन किताब अगले कुछ ही दिनों में मार्केट में ऑफिशियली लॉन्च होने वाली है, लेकिन इसकी प्री-बुकिंग और सेल अभी से Amazon पर लाइव हो चुकी है।

यह किताब देश के ऐसे 20 जांबाजों की असली और इंस्पायरिंग कहानियों का कलेक्शन है, जिन्होंने बिना किसी प्रिविलेज, बिना किसी बड़े बैकग्राउंड या बिना किसी इंडस्ट्री गॉडफादर के अपने दम पर मार्केट में बड़ा मुकाम हासिल किया है। उदय शंकर जी ने इस किताब में कॉर्पोरेट और रियल-लाइफ के उन हीरोज को जगह दी है जो ज़मीन से उठकर आसमान तक पहुँचे हैं, जिसमें ई. श्रीधरन (The Metro Man), टेसी थॉमस (The Missile Woman of India) और दशरथ मांझी (The Mountain Man of India) जैसे बड़े नामों की प्रेरक कहानियां शामिल हैं।

सबसे खुशी की बात यह है कि इन 20 ‘गेम चेंजर्स’ में एक नाम देश के उभरते हुए युवा उद्यमी अर्पित राज का भी है, जिन्हें दुनिया ‘चाय सेठ’ (Chaai Seth) के फाउंडर के रूप में जानती है। अर्पित राज मूल रूप से बिहार के पटना के रहने वाले हैं। वह एक ऐसे ट्रेडिशनल अपर-मिडिल क्लास परिवार से आते हैं जहां बिजनेस का कोई दूर-दूर तक नाम नहीं था और पूरे परिवार में सिर्फ एक ही बात सिखाई जाती थी—”अच्छी पढ़ाई करो और एक सुरक्षित, वेल-पेड नौकरी पाओ”। अर्पित अपने परिवार की पहली पीढ़ी (First Generation) हैं

जिन्होंने नौकरी का सुरक्षित रास्ता छोड़कर बिजनेस की दुनिया में कदम रखने का रिस्क लिया। शुरुआत में एक नौकरी-पेशा मानसिकता वाले परिवार को चाय के बिजनेस के लिए मनाना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती थी, लेकिन उनके दृढ़ निश्चय को देखकर आखिरकार परिवार ने उनका पूरा साथ दिया। उनकी पढ़ाई की बात करें तो अर्पित ने अपनी उच्च शिक्षा घर से दूर मेघालय के शिलोंग से पूरी की। साल 2015 में जब वह शिलोंग में हॉस्पिटैलिटी, ट्रैवल एंड टूरिज्म में अपनी BBA की डिग्री कर रहे थे, तभी हॉस्टल के दोस्तों के साथ मिलकर उनके दिमाग में यह आइडिया आया।

कॉलेज के मुश्किल और थका देने वाले शेड्यूल के बाद जब रात को कुछ खाने-पीने का मन होता, तो पूरा शिलोंग शहर बंद मिलता था। इसी मिडनाइट क्रेविंग्स की समस्या को हल करने के लिए अर्पित और उनके दोस्तों ने अपनी बची हुई पॉकेट मनी से मात्र 50,000-60,000 रुपये जोड़कर कॉलेज के बाहर एक छोटी सी ‘चाय टपरी’ और टिफिन सर्विस शुरू की। कॉलेज खत्म होने के बाद 2017 में उनका प्लेसमेंट दिल्ली के एक फूड स्टार्टअप में हो गया।

नौकरी के साथ-साथ उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और मार्केटिंग में MBA की डिग्री भी पूरी की (यही नहीं, शिक्षा को कभी न रोकने के भरोसे के साथ उन्होंने आगे इंग्लिश में मास्टर्स भी किया)। दिल्ली के उस स्टार्टअप में अर्पित ने करीब डेढ़ साल तक काम किया। हालांकि, अच्छी-खासी कॉर्पोरेट नौकरी के बाद भी उनका दिल अभी भी अपने उसी कॉलेज वेंचर में लगा हुआ था। उन्हें समझ आ गया था कि लोग कॉर्पोरेट जॉब्स में कितने असंतुष्ट रहते हैं। इसके बाद अर्पित ने अपने दो दोस्तों के साथ दोबारा काम करने की चर्चा की, जिनमें से एक सीए (CA) और दूसरा सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में अपना करियर शुरू करने वाला था।

अर्पित ने उन दोनों को पूरा भरोसा दिलाया कि कॉलेज वाली ‘चाय टपरी’ के आइडिया को एक बड़े और सफल कारोबार में बदला जा सकता है।
आखिरकार तीनों दोस्तों ने मिलकर दिल्ली में दोबारा इस पुराने आइडिया पर काम शुरू किया और उन्हें मार्केट से बहुत ही शानदार रिस्पांस मिला।साल 2019 में उन्होंने अपनी कंपनी ‘Bractburd Food and Beverage Pvt Ltd’ के तहत ‘चाय सेठ’ (Chaai Seth) को एक फॉर्मल कंपनी के रूप में रजिस्टर कराया। हालांकि 2020 में आए कोविड-19 महामारी ने बिजनेस के सामने कुछ बड़ी चुनौतियां जरूर पैदा कीं,

लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और धीरे-धीरे स्थितियां सामान्य हो गईं। आज अर्पित राज के इस ‘चाय सेठ’ स्टार्टअप में दालचीनी चाय, बटरस्कॉच चाय और काली मिर्च चाय जैसी लगभग 25 अलग-अलग वैरायटी की चाय मिलती है। इसी लगन, बिना किसी पुरानी इंडस्ट्री एक्सपीरियंस या बड़े सपोर्ट और बेहतरीन एजुकेशन-बिजनेस कॉम्बिनेशन के दम पर अर्पित राज की कंपनी के देशभर में 27 आउटलेट्स खुल चुके हैं और यह करोड़ों का टर्नओवर जनरेट कर रही है!

ऑथर डॉ. उदय शंकर ने अर्पित राज की इसी ज़बरदस्त और संघर्षों से भरी बिजनेस जर्नी को अपनी किताब में एक स्पेशल चैप्टर के रूप में शामिल किया है, जो आज के हर युवा और नए एंटरप्रेन्योर्स के लिए एक मिसाल है। अगर आप भी अर्पित राज और देश के बाकी 19 रीयल हीरोज की इस इंस्पायरिंग जर्नी को करीब से पढ़ना चाहते हैं, तो देर मत कीजिए और Amazon से अपनी ‘Game Changers’ बुक आज ही ऑर्डर करें!

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