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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ दावा: खान सर और अंजना ओम कश्यप के वकीलों के बीच कोर्ट में हुई तीखी बहस, जानिए क्या है पूरा मामला

इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस समय एक खबर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि देश के मशहूर शिक्षक ‘खान सर’ और जानी-मानी न्यूज एंकर ‘अंजना ओम कश्यप’ के वकीलों के बीच कोर्ट में भारी कानूनी लड़ाई और तीखी बहस हुई है। इस खबर के सामने आने के बाद दोनों ही मशहूर हस्तियों के फैंस और आम जनता के बीच इस बात को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है कि आखिर ऐसा क्या विवाद हुआ, जिसके कारण मामला अदालत की चौखट तक पहुंच गया। सोशल मीडिया पर इस कथित अदालती कार्रवाई को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं।

क्या है वायरल दावे की सच्चाई? जानिए अंदर की बात

जब इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल की गई, तो कूटनीतिक और कानूनी गलियारों से एक अलग ही हकीकत सामने आई है। दरअसल, इंटरनेट पर वायरल हो रहे ज्यादातर वीडियो और पोस्ट भ्रामक या ‘डीपफेक’ (Deepfake) तकनीक और एआई (AI) टूल का इस्तेमाल करके बनाए गए विज्ञापन या नकली खबरें हैं। आजकल सोशल मीडिया पर कई ऐसे गिरोह सक्रिय हैं जो बड़े टीवी एंकरों और मशहूर हस्तियों के पुराने वीडियो क्लिप्स को एडिट करके ऐसा दिखाते हैं जैसे उनके बीच कोई बड़ा विवाद या कोर्ट केस चल रहा है। असल में, खान सर और अंजना ओम कश्यप के बीच ऐसी किसी भी वास्तविक कानूनी लड़ाई या अदालत में वकीलों के बीच टकराव की कोई आधिकारिक रिपोर्ट या दस्तावेज मौजूद नहीं हैं।

क्यों बनाए जा रहे हैं ऐसे भ्रामक वीडियो?

डिजिटल मीडिया के जानकारों के अनुसार, इस तरह की झूठी और सनसनीखेज खबरें बनाने के पीछे दो मुख्य कारण होते हैं। पहला कारण ‘क्लिकबेट’ (Clickbait) है, यानी बड़ी हस्तियों के नाम का इस्तेमाल करके अपनी वेबसाइट या सोशल मीडिया पेज पर ज्यादा से ज्यादा ट्रैफिक और व्यूज बटोरना। दूसरा और सबसे खतरनाक कारण ऑनलाइन फ्रॉड (scam) है। कई बार ऐसे फर्जी कोर्ट ड्रामा वाले वीडियो दिखाकर दर्शकों को किसी खास ऐप को डाउनलोड करने, किसी सट्टेबाजी वाली साइट पर जाने या किसी संदेहास्पद योजना में पैसे लगाने के लिए उकसाया जाता है। जनता को ऐसे किसी भी भ्रामक वीडियो पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर कर लेनी चाहिए।

सोशल मीडिया पर मशहूर हस्तियों के नाम का इस्तेमाल करके फैलाई जा रही ऐसी भ्रामक और फर्जी खबरों पर आपकी क्या राय है? क्या ऐसे कंटेंट बनाने वालों के खिलाफ सरकार और प्रशासन को सख्त कानूनी कदम उठाने चाहिए? नीचे कमेंट बॉक्स में अपने विचार हमारे साथ जरूर साझा करें। देश और डिजिटल दुनिया की ऐसी ही हर एक कड़क, सच्ची और फैक्ट-चेक से जुड़ी खबर को देखने के लिए जुड़े रहिए न्यूज़ दर्शन (News Darsan)साथ।

Saumya Pal
National Desk News Darshan

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