
नेशनल डेस्क | न्यूज़ दर्शन
CUET Result 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट अंडरग्रेजुएट (CUET UG 2026) के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इस साल की परीक्षा में दिल्ली की रहने वाली 17 वर्षीय देविना गहलोत (Devina Gehlot) ने देश भर के 11.6 लाख से अधिक परीक्षार्थियों को पीछे छोड़ते हुए ‘ऑल इंडिया रैंक 1’ (AIR-1) हासिल की है। देविना ने पांच विषयों में से चार में पूरे 100 परसेंटाइल अंक हासिल किए हैं, और उनका कुल स्कोर 1250 में से रिकॉर्ड 1,232.19 रहा है, जो इस साल देश में सबसे ज्यादा है। दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) वसंत कुंज की छात्रा देविना, दिल्ली के पूर्व मंत्री और भाजपा नेता कैलाश गहलोत की छोटी बेटी हैं। उनकी इस अविश्वसनीय कामयाबी और पढ़ाई के अनोखे ढंग की कहानी इस वक्त सोशल मीडिया पर देश भर के छात्रों के बीच जमकर वायरल हो रही है।
10 से 12 घंटे रट्टा मारने की जरूरत नहीं: देविना का अनोखा सक्सेस मंत्र
अक्सर माना जाता है कि देश की इतनी बड़ी कॉम्पिटिटिव परीक्षा को टॉप करने के लिए दिन-रात बिना रुके पढ़ना पड़ता है, लेकिन देविना गहलोत की सोच और रणनीति इससे बिल्कुल अलग रही। मीडिया और सोशल मीडिया पर अपनी तैयारी का राज साझा करते हुए देविना ने बताया कि उन्होंने कभी भी घड़ी देखकर या 10-12 घंटे लगातार पढ़ाई नहीं की। उनका पूरा ध्यान लंबे समय तक बैठने के बजाय हर दिन थोड़ी-थोड़ी प्रगति करने पर था। देविना ने कहा, “मैंने कभी रट्टा नहीं मारा। मेरे लिए हर दिन पढ़ाई में निरंतरता (Consistency) और अनुशासन बनाए रखना ज्यादा जरूरी था। लंबे समय तक पढ़ने से ज्यादा जरूरी यह है कि आप जो भी पढ़ रहे हैं, उसे कितनी गहराई से समझ रहे हैं।
तैयारी के 3 सबसे बड़े स्तंभ: कोचिंग के बिना ऐसे रच दिया इतिहास
सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही देविना की रणनीति के मुताबिक, उन्होंने किसी बड़े कोचिंग इंस्टीट्यूट का सहारा नहीं लिया, बल्कि अपनी सेल्फ-स्टडी के दम पर ही यह मुकाम हासिल किया:
1: NCERT किताबों पर पूरा भरोसा: देविना ने बताया कि सीयूईटी की परीक्षा पूरी तरह से कॉन्सेप्ट आधारित होती है। उन्होंने किसी भी बाहरी या भारी-भरकम किताबों के बजाय केवल एनसीईआरटी (NCERT) की किताबों को अपना आधार बनाया और उनके हर एक चैप्टर को गहराई से समझा।
2: बोर्ड परीक्षा की मजबूत नींव: देविना ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में भी 99% अंक हासिल किए थे। उनका मानना है कि यदि किसी छात्र ने अपने बोर्ड एग्जाम्स की तैयारी पूरी ईमानदारी से की है, तो सीयूईटी के लिए उसकी आधी से ज्यादा राह वहीं आसान हो जाती है, क्योंकि दोनों का सिलेबस एक जैसा ही है।
3: मॉक टेस्ट और पिछले वर्षों के पेपर: कॉन्सेप्ट क्लियर करने के बाद देविना ने लगातार पिछले सालों के प्रश्न पत्र (PYQs) हल किए और खूब सारे मॉक टेस्ट दिए। इससे उन्हें परीक्षा के दौरान समय को मैनेज करने और ऑब्जेक्टिव सवालों को तेजी से हल करने में बहुत मदद मिली।
परीक्षा के दौरान की एक बड़ी चुनौती और भविष्य के सपने
अपनी इस यात्रा को याद करते हुए देविना ने एक बेहद दिलचस्प वाकया भी साझा किया। उन्होंने बताया कि परीक्षा के एक दिन उनका एक पेपर प्रशासनिक कारणों से दो घंटे से भी ज्यादा लेट शुरू हुआ था। उस समय केंद्र पर बहुत से छात्र पैनिक (घबरा) कर रहे थे, लेकिन देविना ने खुद को शांत रखा और अपनी मेहनत पर भरोसा किया। इसी मानसिक मजबूती ने उन्हें बिना किसी तनाव के बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की। देविना ने बताया कि उन्हें साहित्य (Literature) और लेखन से गहरा लगाव है। अब वे दिल्ली यूनिवर्सिटी के मशहूर सेंट स्टीफेंस कॉलेज या हिंदू कॉलेज से इंग्लिश ऑनर्स (BA English Hons) की पढ़ाई करना चाहती हैं, और भविष्य में जर्नलिज्म (पत्रकारिता) या क्रिएटिव राइटिंग के क्षेत्र में अपना कड़क करियर बनाना चाहती हैं।
बिना किसी भारी-भरकम कोचिंग के, केवल एनसीईआरटी किताबों और अपनी रोज की निरंतर पढ़ाई के दम पर देशभर में पहला स्थान हासिल करने वाली देविना गहलोत की इस कामयाबी पर आपकी क्या राय है? क्या आपको भी लगता है कि रट्टा मारने से ज्यादा जरूरी कॉन्सेप्ट को समझना है? नीचे कमेंट बॉक्स में अपने विचार हमारे साथ ज़रूर साझा करें। देश-दुनिया, शिक्षा, करियर और हर एक कड़क व सच्ची खबर को सबसे पहले देखने के लिए जुड़े रहिए न्यूज़ दर्शन (News Darsan) साथ।
Saumya Pal
National Desk News Darshan




