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बिहार विधान परिषद में बढ़ा NDA का दबदबा: नीतीश के बेटे निशांत और पवन सिंह समेत 10 नए MLC ने ली शपथ, बदला सदन का पूरा गणित!

पटना : बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) के एनेक्सी एक्सीलेंस ऑडिटोरियम में बुधवार को एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में हालिया उपचुनावों और द्विवार्षिक चुनावों में निर्विरोध चुने गए सभी 10 नए सदस्यों (MLCs) को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। विधान परिषद के कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह ने सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को एक-एक कर सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई।

इस शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा समेत एनडीए (NDA) और महागठबंधन के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। 10 नए सदस्यों के आने के बाद सदन की दलीय स्थिति में बड़ा उलटफेर हुआ है, जिससे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) पहले से कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में आ गया है।

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का पहला कदम, पिता के पैर छूकर लिया आशीर्वाद

शपथ लेने वाले माननीयों में सबसे ज्यादा चर्चा बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की रही। पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू प्रमुख नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने पहली बार उच्च सदन के सदस्य के रूप में शपथ ली।शपथ ग्रहण करने के तुरंत बाद निशांत कुमार सीधे अपने पिता नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में भावुक होते हुए कहा:

“यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे उसी सदन में बैठने का मौका मिला है जहां मेरे पिताजी ने लंबा समय बिताया। मैं पूरी निष्ठा के साथ उनके विकसित और समृद्ध बिहार के सपने और नीतियों को आगे बढ़ाने का काम करूंगा।”

किस पार्टी से किसने ली शपथ ?

इस बार सदन में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का भारी दबदबा देखने को मिला। कुल 10 सीटों में से 9 सीटें एनडीए के खाते में गईं, जबकि विपक्षी महागठबंधन की तरफ से केवल 1 सदस्य ने शपथ ली।

नीतीश कुमार की खाली सीट पर ललन प्रसाद ने ली शपथ

इस शपथ ग्रहण में सबसे खास बात यह रही कि जेडीयू नेता ललन प्रसाद को उस सीट पर विधान परिषद भेजा गया है जो पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे से खाली हुई थी। नीतीश कुमार मार्च 2026 में राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद इस सदन से इस्तीफा दे चुके थे। वहीं नीतीश कुमार के बेटे और बिहार के वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी पहली बार उच्च सदन के सदस्य बने हैं।

तीन महिला सदस्यों ने भी बढ़ाई सदन की शोभा

इस बार उच्च सदन के लिए चुनी गईं तीन नवनिर्वाचित महिला सदस्यों ने भी गरिमा के साथ पद की शपथ ली। इनमें जेडीयू की डॉ. भारती मेहता और शिवरानी देवी के अलावा भाजपा की शीला पंडित (प्रजापति) शामिल रहीं।

नए चेहरों की दमदार एंट्री

इस शपथ ग्रहण के साथ ही सदन में एक बड़ी राजनीतिक विरासत की नई पीढ़ी आगे आई है। जहाँ नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद उनकी राजनीतिक विरासत को बढ़ाते हुए बेटे निशांत कुमार ने सदन की कमान संभाली है, वहीं भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह की एंट्री ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं। इसके अलावा, जेडीयू की डॉ. भारती मेहता, शिवरानी देवी और बीजेपी की शीला पंडित के शपथ लेने के साथ ही उच्च सदन में महिलाओं की भागीदारी भी मजबूत हुई है।

शपथ ग्रहण के बाद बदला विधान परिषद का गणित

इन 10 नए सदस्यों के शामिल होने के बाद बिहार विधान परिषद का राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गया है:

भाजपा (BJP) अब 25 सदस्यों के साथ सदन में सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है।
जदयू (JD-U) के सदस्यों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है।
इस बदलाव से सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन को सदन के भीतर किसी भी बिल को पास कराने में अब भारी बहुमत और मजबूती मिलेगी।

रिया मिश्रा

पॉलिटिकल डेस्क | न्यूज़ दर्शन

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