केंद्र सरकार की नई VB-GRAMG (विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण) योजना को लेकर तमिलनाडु सरकार और केंद्र के बीच विवाद बढ़ गया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का कहना है कि इस योजना से राज्य पर बड़ा आर्थिक बोझ पड़ेगा।
मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि अगर योजना मौजूदा नियमों के अनुसार लागू होती है, तो तमिलनाडु को ₹5,000 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है। उनका कहना है कि इससे राज्य की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विकास योजनाओं के बजट पर असर पड़ सकता है।
VB-GRAMG योजना 1 जुलाई, 2026 से शुरू हुई है। केंद्र सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य गांवों में रोजगार बढ़ाना, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाना है।केंद्र का दावा है कि नई योजना में तकनीक का बेहतर इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्रामीण इलाकों में लंबे समय तक उपयोगी विकास कार्य होंगे।
वहीं, मुख्यमंत्री विजय ने मांग की है कि मजदूरी और प्रशासनिक खर्च का पूरा भार केंद्र सरकार उठाए या फिर राज्यों की हिस्सेदारी कम की जाए। उन्होंने सामग्री (Material Cost) के लिए 75:25 का केंद्र–राज्य खर्च मॉडल अपनाने का सुझाव दिया है।तमिलनाडु सरकार का कहना है कि वह ग्रामीण विकास के खिलाफ नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था का विरोध कर रही है जिसमें राज्यों पर ज्यादा आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने योजना का समर्थन करते हुए कहा कि यह गांवों में रोजगार और विकास को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण योजना है। उनका आरोप है कि तमिलनाडु सरकार राजनीतिक कारणों से इसका विरोध कर रही है।
इस मुद्दे ने पूरे देश में केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय जिम्मेदारी को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में दूसरे राज्य भी इस योजना की फंडिंग व्यवस्था पर सवाल उठा सकते हैं।3 जुलाई, 2026 तक प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से मुख्यमंत्री के पत्र पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में केंद्र और राज्यों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत हो सकती है।
इस विवाद का असर केवल VB-GRAMG योजना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय सहयोग और विकास योजनाओं की रूपरेखा पर भी पड़ सकता है।
Mantasha neyaz
National desk , news darshan





