देहरादून/नई दिल्ली, नेशनल डेस्क: शिक्षा और विकास के मोर्चे पर उत्तराखंड ने एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। उत्तराखंड अब देश का छठा ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ (Fully Literate State) बन गया है। हाल ही में आए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य की साक्षरता दर (Literacy Rate) ने 98% के जादुई आंकड़े को पार कर लिया है। केरल और मिजोरम जैसे राज्यों की कतार में शामिल होकर उत्तराखंड ने यह साबित कर दिया है कि मुश्किल पहाड़ी भूगोल के बावजूद सही नीतियों और दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। इस बड़ी कामयाबी के बाद पूरे राज्य में जश्न का माहौल है।
कैसे मुमकिन हुआ यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड?
उत्तराखंड को इस मुकाम तक पहुंचाने के पीछे सालों की मेहनत और जमीनी स्तर पर चलाए गए विशेष शिक्षा अभियान हैं। आइए इसके मुख्य कारणों को समझते हैं:
- दूर-दराज के गांवों तक पहुंच: राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने ‘हर घर शिक्षा’ अभियान के तहत पहाड़ी और सुदूर ग्रामीण इलाकों के उन वयस्कों और बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ा, जो पहले लिखना-पढ़ना नहीं जानते थे।
- डिजिटल और बुनियादी साक्षरता: गांवों में साक्षरता शिविर लगाए गए, जहां बुनियादी अक्षरों के ज्ञान के साथ-साथ लोगों को डिजिटल साक्षरता और बैंक के कामकाज से जुड़े जरूरी नियम भी सिखाए गए।
- महिलाओं की भागीदारी: इस रिकॉर्ड को हासिल करने में उत्तराखंड की महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की सबसे बड़ी भूमिका रही है, जिन्होंने ग्रामीण इलाकों में साक्षरता की अलख जगाई।
देश के शीर्ष साक्षर राज्यों में शामिल हुआ उत्तराखंड
इस नए रिकॉर्ड के साथ ही उत्तराखंड देश के उन गिने-चुने राज्यों की लीग में शामिल हो गया है, जिन्हें ‘पूर्ण साक्षर’ का दर्जा प्राप्त है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 98% से अधिक की यह साक्षरता दर राज्य में रोजगार, तकनीकी विकास और आर्थिक समृद्धि के नए रास्ते खोलेगी। साक्षर होने का सीधा मतलब अब सिर्फ नाम लिखना जानना नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक का जागरूक और आत्मनिर्भर होना है, जिसमें उत्तराखंड ने मिसाल पेश की है।
उत्तराखंड द्वारा हासिल की गई इस ऐतिहासिक कामयाबी पर आप क्या सोचते हैं? क्या आपको लगता है कि देश के बाकी राज्यों को भी उत्तराखंड के इस मॉडल से सीख लेनी चाहिए? नीचे कमेंट बॉक्स में देवभूमि के लिए अपनी बधाई और राय हमारे साथ ज़रूर साझा करें। देश की बड़ी उपलब्धियों, शिक्षा जगत की खबरों और हर एक कड़क व सच्ची रिपोर्ट को सबसे पहले देखने के लिए जुड़े रहिए न्यूज दर्शन News Darshan के साथ।
Saumya Pal
National Desk News Darshan





