नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान एक अनोखी तस्वीर देखने को मिली। आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में देश के अलग-अलग हिस्सों से लोगों ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप्स के माध्यम से बड़ी संख्या में खाना, चाय, पानी, जूस और स्नैक्स भेजना शुरू कर दिया। देखते ही देखते आयोजन स्थल पर खाने के पैकेटों का इतना बड़ा ढेर लग गया कि उन्हें रखने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं बची।
आंदोलन का संचालन कर रहे CJP के आयोजकों ने सोशल मीडिया पर एक विशेष अपील जारी करते हुए लोगों से अनुरोध किया कि फिलहाल और भोजन न भेजें। उन्होंने लिखा कि आंदोलनकारियों के लिए पर्याप्त मात्रा में भोजन और अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध हो चुकी है तथा अब अतिरिक्त पैकेटों को रखने और व्यवस्थित करने में कठिनाई हो रही है।
बताया जा रहा है कि कई लोगों ने बिना किसी व्यक्तिगत पहचान के, केवल छात्रों के समर्थन और एकजुटता का संदेश देने के उद्देश्य से ऑनलाइन ऑर्डर किए। देश के विभिन्न राज्यों से लोगों ने फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के जरिए लगातार भोजन भेजा। इस पहल को सोशल मीडिया पर भी खूब सराहा जा रहा है और कई लोग इसे नागरिक सहयोग तथा मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण बता रहे हैं।
आयोजकों ने यह भी स्पष्ट किया कि लोगों का प्रेम और समर्थन उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन अब आवश्यकता भोजन की नहीं बल्कि आंदोलन के उद्देश्य को समझने और उसकी आवाज़ को आगे बढ़ाने की है। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
इस घटना ने यह दिखाया कि डिजिटल युग में लोग किसी भी सामाजिक या जनआंदोलन से कितनी तेजी से जुड़ सकते हैं। ऑनलाइन फूड डिलीवरी जैसी सेवाएं अब केवल सुविधा का माध्यम नहीं रह गई हैं, बल्कि जरूरत के समय सहायता और एकजुटता का प्रतीक भी बनती जा रही हैं।
जंतर-मंतर की यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। हजारों लोगों ने इसे इंसानियत, सहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी की मिसाल बताया है। वहीं आयोजकों की अपील के बाद अधिकांश समर्थकों ने भोजन भेजना रोक दिया और अन्य आवश्यक तरीकों से आंदोलन का समर्थन करने की बात कही।
nandini chauhan
national desk news darshan




