अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस में इस समय बड़ा राजनीतिक संकट देखने को मिल रहा है। यूसुफ पठान, अबू ताहेर खान और खलीलुर रहमान जैसे नाम चर्चा के केंद्र में हैं, जिसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें पार्टी नेतृत्व और कथित बागी सांसदों पर टिकी हुई हैं। आइए देखते हैं हमारी विशेष रिपोर्ट।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में टीएमसी के 19 सांसदों के एक समूह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक हस्ताक्षरित पत्र सौंपा है। इस पत्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किए जाने की बात कही जा रही है।
वहीं, बहारामपुर से सांसद यूसुफ पठान ने उन अफवाहों को खारिज कर दिया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि ममता बनर्जी ने उनसे अपनी सीट खाली करने का अनुरोध किया था ताकि वे उपचुनाव लड़ सकें।
दूसरी ओर, अबू ताहेर खान और खलीलुर रहमान, जो स्थानीय स्तर पर टीएमसी के नेताओं के रूप में सक्रिय हैं, हाल ही में पार्टी की शांति और सामान्य स्थिति बनाए रखने की कोशिशों में शामिल रहे हैं। हालांकि, उनके नाम भी उन 19 नेताओं की कथित सूची में सामने आए हैं, जिनके बारे में राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं।
विपक्षी दल भी इस पूरे मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। यदि ये नेता अलग राह चुनते हैं, तो लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक किसी बड़े विभाजन की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन लगातार सामने आ रही रिपोर्टों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चिंताएं जरूर बढ़ा दी हैं।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ये नेता टीएमसी से अलग होंगे या फिर पार्टी नेतृत्व उन्हें मनाने में सफल हो जाएगा।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय भारी हलचल मची हुई है। देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में टीएमसी की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।
फिलहाल, इस मामले से जुड़ी हर बड़ी अपडेट के लिए बने रहिए हमारे साथ।
नंदिनी चौहान, नेशनल डेस्क, न्यूज़ दर्शन।




