दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नशीले पदार्थों की तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के चलते ओमान जा रहे एक यात्री को पकड़ा गया, जिसके सामान से 4.4 किलोग्राम से अधिक हशीश (चरस) बरामद की गई। आरोप है कि नशीले पदार्थों को नए कपड़ों के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा था ताकि सुरक्षा जांच से बचा जा सके।
बरामदगी के बाद मामले की जांच नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को सौंप दी गई है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क हवाई अड्डों को ट्रांजिट पॉइंट के रूप में इस्तेमाल करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नशीले पदार्थों की तस्करी की एक बड़ी साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने विफल कर दिया। यात्री जांच के दौरान संदिग्ध सामग्री का पता चलने पर यह कार्रवाई की गई। संबंधित यात्री दिल्ली से शारजाह होते हुए ओमान जाने वाला था, तभी CISF कर्मियों को उसके सामान की जांच के दौरान कुछ अनियमितताएं दिखाई दीं।
सामान की तलाशी लेने पर अधिकारियों ने कुल 4.411 किलोग्राम हशीश, जिसे आमतौर पर चरस कहा जाता है, बरामद की। अधिकारियों के अनुसार, मादक पदार्थ को 20 अलग-अलग पैकेटों में पैक किया गया था और उसे कपड़ों की तहों के बीच बेहद सावधानी से छिपाया गया था, ताकि नियमित सुरक्षा जांच के दौरान पकड़ में न आए।
नशीले पदार्थों को छिपाने का यह तरीका दर्शाता है कि तस्करी की यह कोशिश पहले से सुनियोजित थी और इसका संबंध किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से हो सकता है। बरामदगी के तुरंत बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को सूचना दी गई। NCB की टीम मौके पर पहुंची और जब्त किए गए मादक पदार्थों को अपने कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी।
आरोपी यात्री को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है और उसके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (NDPS) एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियां अब यात्री की पृष्ठभूमि, उसकी यात्रा संबंधी जानकारी और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से संभावित संबंधों की जांच कर रही हैं।
जांच के तहत यात्री से बरामद डिजिटल उपकरणों, यात्रा दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की भी बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह बरामदगी कई देशों में फैले बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण सुराग प्रदान कर सकती है।
यह कार्रवाई हवाई अड्डा सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए CISF और NCB के बीच बढ़ते समन्वय को भी दर्शाती है। हवाई अड्डे आज भी ड्रग तस्करों के प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट बने हुए हैं, जहां तस्कर सुरक्षा जांच को चकमा देने के लिए लगातार नए और आधुनिक तरीके अपनाते रहते हैं।नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने और संगठित अपराध नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर निगरानी और यात्री प्रोफाइलिंग को और सख्त कर दिया है।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, अधिकारी इस खेप के पीछे मौजूद बड़े नेटवर्क का पता लगाने और अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रहे हैं। यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि ड्रग तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियां लगातार एक कठिन और महत्वपूर्ण लड़ाई लड़ रही हैं।
Shreya singh,
National desk,News Darshan.




