सुप्रीम कोर्ट ने मशहूर स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना और चार अन्य इन्फ्लुएंसर्स पर ₹3-3 लाख का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई कोर्ट के उस पुराने आदेश का पालन न करने पर की गई, जिसमें उन्हें अपने प्लेटफॉर्म पर दिव्यांग व्यक्तियों को आमंत्रित करने, उनकी उपलब्धियों को सामने लाने और स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) जैसी दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि आदेशों का पालन नहीं किया गया और इसे न्यायालय के प्रति गंभीर लापरवाही माना गया।
यह मामला ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ शो में दिव्यांग व्यक्तियों को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि समय रैना ने “कोर्ट को हल्के में लिया” और दिए गए आश्वासनों का पालन नहीं किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और सार्वजनिक हस्तियों की समाज के प्रति विशेष जिम्मेदारी होती है तथा उन्हें अपने मंच का उपयोग संवेदनशील और सकारात्मक संदेश देने के लिए करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना सहित अन्य इन्फ्लुएंसर्स को दो सप्ताह के भीतर अनुपालन हलफनामा (Compliance Affidavit) दाखिल करने या निर्धारित जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि यदि भविष्य में आदेशों की अनदेखी जारी रहती है तो और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इस फैसले को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की जवाबदेही और न्यायालय के आदेशों के पालन के महत्व से जोड़कर देखा जा रहा है।
Aarya Mishra
National Desk, News Darshan





