नई दिल्ली/टोक्यो, इंटरनेशनल ब्यूरो : भारत और जापान के बीच मजबूत होते रणनीतिक रिश्तों में आज उस समय एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों वैश्विक नेताओं ने इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान दुनिया के मौजूदा हालातों और सुरक्षा व्यवस्था पर बेहद गहराई से चर्चा की। विशेष रूप से, पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और संकट, पिछले काफी समय से जारी यूक्रेन-रूस युद्ध, और वैश्विक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बने ‘सीमा पार आतंकवाद’ (Cross-Border Terrorism) जैसे गंभीर मुद्दों पर दोनों देशों ने अपने विचार साझा किए। इस वार्ता ने यह साफ कर दिया है कि भारत और जापान न केवल व्यापार, बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता के मोर्चे पर भी एक मजबूत और भरोसेमंद साझेदार के रूप में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।
इस महत्वपूर्ण वार्ता के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों ने इस बात पर चिंता जताई कि यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया के संकट के कारण दुनिया की अर्थव्यवस्था, सप्लाई चेन और आम नागरिकों के जीवन पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत का पुराना और स्पष्ट स्टैंड दोहराते हुए कहा कि किसी भी विवाद या युद्ध का हल युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि कूटनीति और शांतिपूर्ण बातचीत (Dialogue and Diplomacy) के जरिए ही निकाला जा सकता है, जिसका जापान की प्रधानमंत्री ने भी खुलकर समर्थन किया। इसके साथ ही, भारत के लिए सबसे संवेदनशील मुद्दे यानी सीमा पार आतंकवाद पर भी दोनों देशों के बीच गंभीर सहमति बनी। दोनों नेताओं ने दोटूक शब्दों में कहा कि आतंकवाद को किसी भी रूप में जायज नहीं ठहराया जा सकता और सुरक्षित दुनिया के लिए आतंकी नेटवर्क और उन्हें शह देने वाले ताकतों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर सख्त कार्रवाई होना बेहद जरूरी है।
जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची और पीएम मोदी के बीच हुई इस बैठक के बाद रक्षा और आर्थिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इस वार्ता के बाद हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने और दोनों देशों के बीच सैन्य व तकनीकी सहयोग को बढ़ाने की दिशा में कई बड़े और रणनीतिक फैसले लिए जा सकते हैं। इस महा-वार्ता ने साफ संदेश दे दिया है कि बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच भारत और जापान की यह दोस्ती दुनिया में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए एक मजबूत स्तंभ की तरह काम करेगी। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस बातचीत के बाद आने वाले दिनों में दोनों देश मिलकर क्या ठोस कदम उठाते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के बीच यूक्रेन युद्ध और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर हुई इस अहम बातचीत को आप किस तरह देखते हैं? क्या आपको लगता है कि भारत और जापान मिलकर दुनिया में शांति बहाल करने में एक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं? नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय हमारे साथ ज़रूर साझा करें। दुनिया की राजनीति, भारत की विदेश नीति और हर एक कड़क व सच्ची खबर को सबसे पहले आसान भाषा में देखने के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ।
आदित्य ठाकुर
अंतरराष्ट्रीय एवं रणनीतिक मामलों के ब्यूरो, न्यूज़ दर्शन (News Darshan)





