नई दिल्ली, 13 जुलाई :- अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आरजेडी नेता एवं सांसद सुधाकर सिंह समेत कई याचिकाकर्ताओं ने जनहित याचिकाएं दाखिल की हैं। इन याचिकाओं पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई की।
याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। याचिकाकर्ताओं ने मामले की सीबीआई से स्वतंत्र जांच, मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड का फॉरेंसिक ऑडिट तथा पूरी जांच की न्यायिक निगरानी की मांग की है।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) से जांच की वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट भी तलब की गई है।
इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच के दौरान कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, एसआईटी की प्रारंभिक जांच में दान प्रबंधन प्रणाली में सुरक्षा और निगरानी से जुड़ी कई गंभीर कमियों की ओर भी संकेत किया गया है।
अब इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट की आगे की सुनवाई और केंद्र, राज्य सरकार तथा मंदिर ट्रस्ट के जवाबों पर सभी की नजरें टिकी हैं। अदालत के आगामी निर्देश तय करेंगे कि जांच मौजूदा एसआईटी के जरिए जारी रहेगी या स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाएगी।
Manvee singh
National desk, News darshan.





