नई दिल्ली, साइंस एंड एनवायरनमेंट ब्यूरो : भारत के वैज्ञानिकों ने पर्यावरण को प्लास्टिक के प्रदूषण से बचाने की दिशा में एक ऐसी ऐतिहासिक और क्रांतिकारी सफलता हासिल की है, जिसने पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। भारतीय वैज्ञानिकों ने एक ऐसे खास और अनोखे मशरूम (Fungi/कवक) की पहचान की है, जो पर्यावरण के सबसे बड़े दुश्मन यानी ‘सिंगल-यूज प्लास्टिक’ (Single-Use Plastic) को बहुत तेजी से खाकर उसे पूरी तरह डीकंपोज (नष्ट) कर सकता है। विज्ञान जगत की इस अभूतपूर्व खोज से दुनिया भर के कचरा प्रबंधन (Waste Management) और प्रदूषण नियंत्रण के तौर-तरीकों में एक बहुत बड़ी क्रांति आने की उम्मीद जताई जा रही है।
कैसे काम करता है यह ‘प्लास्टिक खाने वाला मशरूम’? (The Science)
हम सभी जानते हैं कि प्लास्टिक को पूरी तरह नष्ट होने में सैकड़ों-हजारों साल का समय लगता है, जिसके कारण यह हमारी मिट्टी और नदियों को जहरीला बना रहा है। लेकिन भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा खोजा गया यह खास फंगस (मशरूम) इस नामुमकिन काम को मुमकिन बना रहा है।
- प्लास्टिक को बनाता है भोजन: यह खास मशरूम प्लास्टिक में मौजूद जटिल रासायनिक बॉन्ड्स (Polymers) को तोड़ने में सक्षम है। रिसर्च में पाया गया है कि यह फंगस प्लास्टिक को अपनी ऊर्जा के स्रोत के रूप में इस्तेमाल करता है और उसे बहुत तेजी से कार्बनिक पदार्थों में बदल देता है।
- चंद दिनों में कचरा साफ: जो प्लास्टिक सालों-साल सड़ती नहीं है, उसे यह मशरूम कुछ ही हफ्तों के भीतर पूरी तरह से डीकंपोज यानी नष्ट कर देता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचता और कोई जहरीली गैस भी नहीं निकलती।
कचरा प्रबंधन (Waste Management) में आएगी महा-क्रांति
सिंगल-यूज प्लास्टिक (जैसे प्लास्टिक की थैलियां, कप, स्ट्रॉ और बोतलें) आज पूरी दुनिया के लिए सिरदर्द बन चुकी हैं। भारत सरकार ने भी इस पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, लेकिन इसके रीसाइक्लिंग और डिस्पोजल में भारी लागत और चुनौतियां आती हैं।
भारतीय वैज्ञानिकों की इस खोज के बाद अब बड़े-बड़े लैंडफिल्स (कचरे के पहाड़ों) पर इस खास मशरूम का इस्तेमाल करके बेहद कम खर्च में और पूरी तरह प्राकृतिक तरीके से प्लास्टिक के कचरे को हमेशा के लिए खत्म किया जा सकेगा। यह खोज ‘मेड इन इंडिया’ के तहत पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भारत को वैश्विक लीडर बनाने की क्षमता रखती है।
भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा खोजे गए इस ‘प्लास्टिक खाने वाले मशरूम’ के बारे में आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि इससे हमारे शहरों से प्लास्टिक के कचरे के पहाड़ हमेशा के लिए गायब हो जाएंगे? नीचे कमेंट बॉक्स में हमारे वैज्ञानिकों के लिए बधाई और अपनी राय ज़रूर साझा करें। विज्ञान, पर्यावरण और देश की बड़ी कामयाबियों की हर एक कड़क व सच्ची रिपोर्ट को सबसे पहले देखने के लिए जुड़े रहिए न्यूज़ दर्शन News Darshan के साथ।
Saumya Pal
National Desk News Darshan





