नई दिल्ली, राजनीतिक ब्यूरो : संसद का मानसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले देश की संसदीय राजनीति में एक बहुत बड़ा और अप्रत्याशित फेरबदल देखने को मिला है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) में हुई एक बड़ी बगावत और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के भीतर मची हलचल के बाद लोकसभा का पूरा समीकरण बदल गया है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इस बड़े सियासी घटनाक्रम को देखते हुए संसद के निचले सदन (लोकसभा) में नए सीटिंग अरेंजमेंट (बैठने की व्यवस्था) को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब विपक्षी खेमे की अग्रिम और मध्य पंक्तियों का पूरा नक्शा बदल जाएगा।
- TMC में बड़ी बगावत: 20 सांसद अब ‘NCPI’ के साथ
इस पूरे फेरबदल की सबसे बड़ी वजह पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में हुई बगावत है:
- नया गुट बना: ममता बनर्जी की पार्टी के 20 बागी सांसदों ने पार्टी से अलग होकर एक नया गुट बना लिया है, जिसे नेशनल कांग्रेस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) नाम दिया गया है।
- अलग सीटिंग ब्लॉक: लोकसभा स्पीकर ने इन 20 बागी सांसदों को संसद में एक अलग और नया सीटिंग ब्लॉक आवंटित करने की मंजूरी दे दी है। अब ये सांसद टीएमसी के आधिकारिक ब्लॉक से
अलग बैठेंगे।
शिवसेना (UBT) का शिंदे गुट में विलय और नया सीटिंग प्लान
महाराष्ट्र की सियासत से जुड़ी संसद की यह दूसरी सबसे बड़ी हलचल है:
- शिंदे गुट में विलय: उद्धव ठाकरे गुट (Sena UBT) के बचे हुए सांसदों का मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले असली शिवसेना गुट में पूरी तरह विलय (Merger) हो चुका है।
- बदली कुर्सियां: इस विलय को भी लोकसभा सचिवालय और स्पीकर ओम बिरला ने अपनी हरी झंडी दे दी है। इसके तहत अब उद्धव गुट के रहे इन सांसदों को संसद में सत्ता पक्ष (NDA) के करीब, शिंदे गुट की आवंटित सीटों पर बैठने का नया अरेंजमेंट किया गया है।
मानसून सत्र में दिखेगा बदला हुआ नजारा
आगामी 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में यह बदला हुआ सीटिंग प्लान पूरी तरह लागू हो जाएगा। इस फेरबदल के बाद लोकसभा में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और टीएमसी के आधिकारिक खेमे की संख्या बल में कमी दिखेगी, वहीं एनडीए और नए गुटों के सांसदों की स्थिति संसद के भीतर मजबूत नजर आएगी। विपक्षी दल इसे लेकर सदन के पहले ही दिन विरोध दर्ज कराने की रणनीति भी बना रहे हैं।
मानसून सत्र से ठीक पहले संसद के भीतर टीएमसी में बगावत, शिवसेना (UBT) के विलय और बदले हुए इस सीटिंग प्लान पर आपकी क्या राय है? क्या इस फेरबदल से विपक्ष की एकजुटता पर बड़ा असर पड़ेगा? नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय हमारे साथ ज़रूर साझा करें। संसद की पल-पल की हलचल, राजनीतिक समीकरणों और हर एक कड़क व सच्ची रिपोर्ट को सबसे पहले देखने के लिए जुड़े रहिए न्यूज दर्शन News Darshan के साथ.
Saumya Pal
National Desk News Darshan





