भारतीय बैडमिंटन स्टार और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने जापान ओपन 2026 में शानदार वापसी का परिचय दिया है। सिंधु ने महिला एकल सेमीफाइनल में चीन की पूर्व ओलंपिक चैंपियन चेन यूफेई को हराकर फाइनल में जगह बना ली है। पिछले दो वर्षों में किसी बड़े बीडब्ल्यूएफ टूर्नामेंट के फाइनल में यह उनकी पहली एंट्री है, जो उनके दमदार कमबैक की बड़ी मिसाल मानी जा रही है।
टोक्यो में खेले गए बीडब्ल्यूएफ जापान ओपन सुपर 750 के सेमीफाइनल में पीवी सिंधु ने शुरुआत से ही आत्मविश्वास और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने पहला गेम 21-19 से अपने नाम किया। दूसरे गेम में भी सिंधु 15-10 से आगे थीं, तभी चेन यूफेई हैमस्ट्रिंग चोट के कारण मुकाबला जारी नहीं रख सकीं और रिटायर हर्ट हो गईं। इसके साथ ही सिंधु ने फाइनल का टिकट पक्का कर लिया।
यह जीत सिंधु के लिए बेहद खास है। लगभग तीन साल बाद वह किसी सुपर 750 टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची हैं, जबकि दो साल से अधिक समय बाद किसी बड़े बीडब्ल्यूएफ टूर्नामेंट के फाइनल में उनकी वापसी हुई है। चोटों और लगातार उतार-चढ़ाव भरे दौर के बाद यह प्रदर्शन उनके शानदार कमबैक का संकेत माना जा रहा है।
इस जीत के साथ सिंधु ने चेन यूफेई के खिलाफ हाल के मुकाबलों में मिली हार के सिलसिले को भी खत्म कर दिया। पूरे मैच में उन्होंने दबाव के क्षणों में बेहतरीन संयम दिखाया। उनकी तेज़ स्मैश, सटीक शॉट्स और शानदार कोर्ट कवरेज ने साफ कर दिया कि सिंधु एक बार फिर दुनिया की शीर्ष खिलाड़ियों को कड़ी चुनौती देने के लिए तैयार हैं।
अब सिंधु की नजर जापान ओपन के खिताब पर है। फाइनल में जीत हासिल कर वह वर्षों बाद बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 750 का खिताब अपने नाम करना चाहेंगी। उनकी इस सफलता ने पूरे देश की उम्मीदें बढ़ा दी हैं और भारतीय बैडमिंटन के लिए यह बेहद उत्साहजनक पल है|
यह प्रदर्शन आने वाले बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर टूर्नामेंटों और विश्व चैंपियनशिप से पहले सिंधु का आत्मविश्वास और मजबूत करेगा। पूर्व विश्व चैंपियन सिंधु ने यह साबित कर दिया है कि मुश्किल दौर से उबरकर भी वह विश्व बैडमिंटन की सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल हैं।
पीवी सिंधु की इस उपलब्धि से देशभर के खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है। अब सभी की निगाहें फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं। अगर सिंधु खिताब जीतने में सफल रहती हैं, तो यह उनकी शानदार वापसी का सबसे बड़ा पड़ाव होगा और एक बार फिर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में उनकी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराएगा।
जापान ओपन 2026 में पीवी सिंधु का सफर संघर्ष, धैर्य और आत्मविश्वास की मिसाल रहा है। अब वह खिताब से सिर्फ एक जीत दूर हैं। पूरे देश को उम्मीद है कि सिंधु फाइनल में भी इसी लय को बरकरार रखते हुए एक और अंतरराष्ट्रीय खिताब भारत की झोली में डालेंगी।
Shreya singh,
National desk,News darshan.





