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सिक्किम टनल हादसा: मीथेन गैस रिसाव से बड़ा हादसा, राहत-बचाव अभियान जारी

सिक्किम में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन के बीच एक निर्माणाधीन सुरंग में बड़ा हादसा सामने आया है। जानकारी के अनुसार, भूस्खलन के बाद सुरंग के भीतर मीथेन गैस का रिसाव होने से अचानक अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में कई श्रमिक प्रभावित हुए, जबकि कुछ मजदूरों के सुरंग के अंदर फंसे होने की आशंका भी जताई गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, दमकल विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, भूस्खलन के कारण सुरंग के भीतर वेंटिलेशन सिस्टम प्रभावित हुआ, जिसके बाद मीथेन गैस का स्तर तेजी से बढ़ गया। गैस के संपर्क में आने से कई श्रमिकों को सांस लेने में तकलीफ हुई और कुछ बेहोश हो गए। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों की टीम सभी प्रभावित मजदूरों की निगरानी कर रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मीथेन एक अत्यंत ज्वलनशील गैस है, जो बंद स्थानों में जमा होने पर दम घुटने और विस्फोट जैसी गंभीर घटनाओं का कारण बन सकती है। यही वजह है कि बचाव दल पूरी सावधानी के साथ गैस की मात्रा की लगातार निगरानी कर रहा है। सुरंग के भीतर ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने और गैस को बाहर निकालने के लिए विशेष उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।

राज्य सरकार ने घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं और आखिर गैस रिसाव की स्थिति कैसे बनी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित एजेंसियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में चल रही निर्माण परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरंग निर्माण के दौरान गैस डिटेक्शन सिस्टम, आधुनिक वेंटिलेशन व्यवस्था और नियमित सुरक्षा ऑडिट को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। पूरे देश की नजर अब बचाव अभियान पर टिकी हुई है और सभी प्रभावित श्रमिकों के सुरक्षित बाहर निकलने की उम्मीद की जा रही है।

News Darshan | खबरों का विश्लेषण

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