
नेशनल डेस्क | न्यूज़ दर्शन
ठाणे (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंतर्गत आने वाले पावरलूम शहर भिवंडी से फूड पॉइजनिंग का एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक बेहद लोकप्रिय स्ट्रीट फूड स्टॉल ‘फेमस शोरमा’ से फास्ट फूड खाने के बाद 14 मासूम बच्चों सहित कुल 88 लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में बड़ी संख्या में मरीजों को स्थानीय सरकारी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने संबंधित फूड जॉइंट को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है, वहीं पुलिस ने आरोपी दुकान मालिक के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
कैसे शुरू हुआ ‘जहर’ फैलने का सिलसिला?
स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरी घटना भिवंडी के खंडूपाड़ा (Khandu Pada) इलाके में स्थित तैयबा मस्जिद के पास की है। यहाँ ‘फेमस शोरमा’ (Famous Shawarma) नाम का एक काफी चर्चित रोडसाइड फूड स्टॉल संचालित होता है।
17 जून (बुधवार) की शाम 6 बजे के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों और युवाओं ने इस स्टॉल से चिकन शोरमा, पिज्जा और फालूदा जैसी चीजें खरीदीं और खाई थीं। भोजन करने के कुछ ही घंटों बाद, यानी गुरुवार की सुबह से लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
गंभीर रूप से प्रभावित एक पीड़ित ने आपबीती सुनाते हुए बताया:
“मैंने बुधवार रात को मस्जिद के पास वाली दुकान से शोरमा और फालूदा खाया था। सुबह जब मैं काम पर जाने लगा, तो अचानक जी मिचलाने लगा और उल्टी-दस्त शुरू हो गए। घर पर नींबू पानी लिया, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। देखते ही देखते तेज बुखार आ गया और इतनी कमजोरी हो गई कि मैं खड़ा भी नहीं हो पा रहा था।”
अस्पताल में मची अफरा-तफरी, मरीजों में 14 बच्चे भी शामिल
गुरुवार शाम 6 बजे से भिवंडी के स्वर्गीय इंदिरा गांधी मेमोरियल (IGM) अस्पताल में अचानक पेट दर्द, गंभीर दस्त, लगातार उल्टी और तेज बुखार की शिकायतों के साथ मरीजों का आना शुरू हुआ। शुरुआत में केवल 11 मरीजों को अस्पताल लाया गया था। लेकिन शुक्रवार सुबह होते-होते यह संख्या 37 और शुक्रवार रात तक 88 तक पहुंच गई।
अस्पताल प्रशासन द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, भर्ती किए गए 88 मरीजों में 41 पुरुष, 33 महिलाएं और 14 बच्चे शामिल हैं।I
GM अस्पताल की सुप्रीटेंडेंट डॉ. माधवी पंढारे ने मीडिया को बताया:
“गुरुवार शाम से हमारे पास लगातार फूड पॉइजनिंग के लक्षण वाले मरीज आ रहे थे, जिन्होंने एक ही फूड स्टॉल से खाना खाने की बात स्वीकार की है। फिलहाल सभी 88 मरीजों की स्थिति नियंत्रण में और खतरे से बाहर है। सभी को आवश्यक आईवी सलाइन, एंटीबायोटिक्स और इंजेक्शंस दिए जा रहे हैं।
कड़े प्रशासनिक एक्शन: FDA की रेड और दुकान सील
इस सामूहिक फूड पॉइजनिंग की घटना से प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई। मामले की सूचना मिलते ही खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की एक विशेष टीम तुरंत खंडूपाड़ा स्थित ‘फेमस शोरमा’ स्टॉल पर पहुंची।
एफडीए अधिकारियों ने दुकान पर भारी गंदगी और हाइजीन मानकों का खुला उल्लंघन पाया। टीम ने जांच के लिए स्टॉल पर मौजूद चिकन, सॉस, पिज्जा बेस, कच्चे माल और पैकेजिंग सामग्री के सैंपल जब्त कर लिए हैं। इसके बाद दुकान को पूरी तरह से सील कर दिया गया।
बीमारी के सटीक कारण (बैक्टीरिया, फंगस या सड़ा हुआ मीट) का पता लगाने के लिए मरीजों के जैविक सैंपल (Stool and Vomit) भी कल्चर और फॉरेंसिक एनालिसिस के लिए कलवा अस्पताल भेजे गए हैं।
स्टॉल मालिक दिलशाद अंसारी पर पुलिस केस दर्ज
मामले में कानूनी कार्रवाई करते हुए भिवंडी के शांति नगर पुलिस स्टेशन ने सख्त रुख अपनाया है। शांति नगर पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर विनायक गायकवाड़ ने पुष्टि की है कि स्टॉल के 27 वर्षीय मालिक दिलशाद अंसारी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं (जैसे जीवन को खतरे में डालने वाली लापरवाही और हानिकारक खाद्य पदार्थ बेचना) के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे नोटिस थमाया है और आगे की पूछताछ जारी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी: स्ट्रीट फूड को लेकर रहें सतर्क.
इस घटना ने एक बार फिर रोडसाइड फूड स्टॉल्स पर मिलने वाले नॉन-वेजिटेरियन आइटम्स की गुणवत्ता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, चिकन शोरमा जैसी चीजों में इस्तेमाल होने वाला मीट अगर सही तापमान पर स्टोर न किया जाए या वह पुराना हो, तो उसमें साल्मोनेला (Salmonella) या ई-कोलाई (E. coli) जैसे खतरनाक बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं, जो जानलेवा फूड पॉइजनिंग का कारण बनते हैं।
नागरिकों को सलाह दी जा रही है कि विशेषकर उमस और गर्मी के मौसम में बाहर का खुला खाना, सॉस और मांस जनित पदार्थों का सेवन करने से बचें और केवल प्रमाणित व साफ-सुथरी जगहों से ही खाद्य पदार्थ खरीदें।
(Writer: Riya Mishra)



