नई दिल्ली, भारत : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक सेशेल्स दौरे के दौरान वहां के राष्ट्रीय दिवस समारोह में भाग लिया। इस यात्रा के माध्यम से भारत ने एक बार फिर हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region) में अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरे से दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार और सतत विकास के क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय दिवस से जुड़े औपचारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और सेशेल्स के शीर्ष नेतृत्व के साथ उच्चस्तरीय वार्ता भी की। यह यात्रा भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से चले आ रहे घनिष्ठ संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच वर्षों से सुरक्षा, विकास और क्षेत्रीय स्थिरता के क्षेत्र में लगातार सहयोग बढ़ता रहा है।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर विशेष जोर
इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा रहा। भारत और सेशेल्स ने हिंद महासागर को समुद्री डकैती (Piracy), अवैध मछली पकड़ने (Illegal Fishing), तस्करी (Smuggling) तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय अपराधों से सुरक्षित रखने के लिए सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
भारत लंबे समय से सेशेल्स का विश्वसनीय सुरक्षा साझेदार रहा है। भारत ने सेशेल्स को पेट्रोलिंग जहाज़, तटीय निगरानी प्रणाली (Coastal Surveillance Systems), रक्षा उपकरण उपलब्ध कराए हैं और उसकी सुरक्षा एजेंसियों को प्रशिक्षण भी दिया है। दोनों देशों ने भविष्य में समुद्री सुरक्षा को और मजबूत बनाने तथा समन्वय बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
हिंद महासागर का रणनीतिक महत्व
सेशेल्स हिंद महासागर में एक अत्यंत महत्वपूर्ण भौगोलिक स्थिति रखता है, जिसके कारण यह भारत की क्षेत्रीय सुरक्षा नीति का एक अहम साझेदार है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की SAGAR (Security and Growth for All in the Region)नीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस नीति का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और साझा आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देना है।
दोनों देशों के बीच हुई चर्चा में क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने और स्वतंत्र, खुला एवं समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार
सुरक्षा के अलावा भारत और सेशेल्स ने व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य सेवाओं, डिजिटल तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन से निपटने की रणनीतियों और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया।
भारत ने सेशेल्स की विकास संबंधी प्राथमिकताओं, विशेष रूप से सतत आधारभूत ढांचे (Sustainable Infrastructure) और आपदा प्रबंधन (Disaster Management) के क्षेत्र में सहयोग जारी रखने का भरोसा दिया।
दोनों देशों के नेताओं ने जन-से-जन संपर्क, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण (Capacity Building) कार्यक्रमों को भी और मजबूत बनाने पर सहमति जताई, ताकि द्विपक्षीय संबंध और अधिक गहरे हो सकें।
और मजबूत हुई रणनीतिक साझेदारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा हिंद महासागर क्षेत्र के द्वीपीय देशों के साथ भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का प्रतीक माना जा रहा है। ऐसे समय में जब इस क्षेत्र में भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है, सेशेल्स के साथ भारत का मजबूत सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता, समुद्री सुरक्षा और साझा आर्थिक विकास को नई दिशा देगा।
यह दौरा भारत-सेशेल्स संबंधों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है और दोनों देशों की शांति, सुरक्षा तथा सतत विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।
nandini chauhan
national desk news darshan.



