रायबरेली। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में एंटी करप्शन टीम ने वन विभाग के दरोगा संजय यादव को 18 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद विभागीय गलियारों में हड़कंप मच गया।बताया जा रहा है कि शिकायत मिलने पर टीम ने जाल बिछाया और आरोपी दरोगा को घूस की रकम लेते ही पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकारी दावों और विभागों में व्याप्त घूसखोरी पर फिर बहस छिड़ गई है।
लोगों का कहना है कि रिश्वतखोरी की शिकायतें कई विभागों में आम हैं,लेकिन कार्रवाई कम ही देखने को मिलती है। ऐसे में रायबरेली की यह कार्रवाई भ्रष्ट अफसरों और कर्मचारियों के लिए चेतावनी मानी जा रही है। फिलहाल आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के रायबरेली में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। वन विभाग के एक अधिकारी को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। इस घटना ने सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। देखिए हमारी यह रिपोर्ट।
रायबरेली में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम ने वन विभाग के दरोगा संजय यादव को 18 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों के मुताबिक, टीम को एक नागरिक की ओर से शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर जाल बिछाया गया और आरोपी अधिकारी को रिश्वत की रकम लेते समय मौके पर ही पकड़ लिया गया।
इस गिरफ्तारी के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है और सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी की शिकायतें आम हैं, लेकिन हर मामले में सख्त कार्रवाई नहीं होती। उनका मानना है कि यह गिरफ्तारी भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है।
पुलिस और एंटी करप्शन विभाग के अधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।
इस पूरी कार्रवाई को सरकारी कर्मचारियों के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मंताशा नेयाज़, नेशनल डेस्क, न्यूज़ दर्शन





