बेतिया/मोतिहारी : बिहार के चंपारण प्रक्षेत्र (Champaran Range) में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और फरार अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा समकालीन अभियान (Contemporary Campaign) चलाया है। चंपारण रेंज के डीआईजी (DIG) हर किशोर राय के सीधे निर्देशन में तीन पुलिस जिलों—मोतिहारी, बेतिया और बगहा में 11 और 12 जुलाई को एक साथ सघन छापेमारी की गई। मात्र 48 घंटे चले इस महाभियान में पुलिस ने 677 अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जबकि लंबे समय से फरार चल रहे 76 कुख्यात आरोपियों के खिलाफ कुर्की-जब्ती की कड़ी कार्रवाई की गई है।
डीआईजी हर किशोर राय ने बताया कि इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य न्यायालय से जुड़े लंबित मामलों का तेजी से निष्पादन करना, लंबित वारंटियों को पकड़ना और क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक व नशीले पदार्थों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना था।
तीन जिलों का पूरा रिपोर्ट कार्ड: कहाँ क्या हुआ?
इस 48 घंटे के ऑपरेशन में चंपारण रेंज के तहत आने वाले तीनों पुलिस जिलों की टीमों ने अभूतपूर्व तालमेल के साथ काम किया।
- मोतिहारी (पूर्वी चंपारण): सबसे ज्यादा 436 गिरफ्तारियां
इस अभियान के तहत सबसे बड़ी सफलता मोतिहारी पुलिस को मिली। मोतिहारी जिले में सबसे अधिक 436 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 388 को त्वरित रूप से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इसके अलावा कोर्ट के आदेश पर 68 इश्तेहार तामील कराए गए और 29 मामलों में कुर्की की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
- बेतिया (पश्चिम चंपारण): 124 पहुंचे सलाखों के पीछे
बेतिया पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 124 अभियुक्तों को दबोचा और इन सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यहाँ की पुलिस टीम ने 50 इश्तेहार तामील कराए और 6 मामलों में फरार अपराधियों की संपत्तियों की कुर्की की।
- बगहा: कुर्की की सबसे बड़ी कार्रवाई
बगहा जिले में पुलिस ने 117 आरोपितों को गिरफ्तार किया, जिनमें 25 विभिन्न कांडों के नामजद आरोपी और 92 लंबे समय से वांछित वारंटी शामिल थे। इनमें से 80 आरोपियों को जेल भेजा गया। विशेष बात यह रही कि चंपारण रेंज में फरार अपराधियों पर सबसे ज्यादा कानूनी हंटर यहीं चला; बगहा में रिकॉर्ड 41 मामलों में कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की गई, जिससे अपराधियों में हड़कंप मच गया।
भारी मात्रा में अवैध हथियार, शराब और ड्रग्स बरामद
चंपारण रेंज की पुलिस ने इस अभियान के दौरान केवल गिरफ्तारियां ही नहीं कीं, बल्कि सीमाओं पर गश्त और तलाशी तेज कर अवैध तस्करी के नेटवर्क पर भी करारी चोट की है। दो दिनों की कुल बरामदगी का विवरण इस प्रकार है:
अवैध शराब: 827.9 लीटर देसी शराब और 693.3 लीटर विदेशी शराब जब्त।
मादक पदार्थ: 5.72 किलोग्राम गांजा, 97 ग्राम स्मैक और 9.6 ग्राम ब्राउन शुगर की रिकवरी।
हथियार: 1 देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद।
अन्य संपत्तियां: चोरी की 13 मोटरसाइकिलें, दो मोबाइल फोन और एक अवैध गैस सिलेंडर भी जब्त किया गया।
जानिए कौन हैं अपराधियों और भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के लिए खौफ बने DIG हर किशोर राय
चंपारण रेंज में इस तरह के सख्त ऑपरेशनों के पीछे 2011 बैच के बिहार कैडर के तेजतर्रार आईपीएस (IPS) अधिकारी हर किशोर राय का कड़क नेतृत्व है। उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हर किशोर राय ने IIT कानपुर से शिक्षा प्राप्त की है और अपनी ईमानदारी व ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के लिए जाने जाते हैं।
भ्रष्ट तंत्र पर वार: डीआईजी का पदभार संभालने के बाद से वे न सिर्फ अपराधियों बल्कि पुलिस महकमे के भीतर छिपे काली भेड़ों पर भी सख्त हैं। वे अब तक लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप में 20 से अधिक थाना प्रभारियों और जांच अधिकारियों (IOs) पर सीधी अनुशासनात्मक कार्रवाई कर चुके हैं। हाल ही में रक्सौल के एसडीपीओ का निलंबन भी उन्हीं की रिपोर्ट के आधार पर हुआ था।
पेंडिंग मामलों में कमी: उनके कार्यभार संभालने के बाद से चंपारण रेंज में लंबित मामलों (Pending Cases) में लगभग 30% की कमी दर्ज की गई है।
भू-माफियाओं पर नकेल: इससे पहले उन्होंने मोतिहारी, बेतिया और बगहा के कप्तानों को निर्देश देकर 150 से अधिक बड़े भू-माफियाओं को चिन्हित करवाया और उनकी संपत्तियों को जब्त करने का ऐतिहासिक आदेश दिया था।
आगे भी जारी रहेगा अपराधियों के खिलाफ हंटर
इस महाभियान की सफलता पर डीआईजी हर किशोर राय ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “ऐसे समकालीन अभियानों से न केवल अदालती प्रक्रियाओं में तेजी आती है, बल्कि आम जनता में सुरक्षा का भाव मजबूत होता है। अपराधियों और तस्करों के खिलाफ यह कार्रवाई थमने वाली नहीं है, आने वाले दिनों में यह अभियान और भी आक्रामक रूप से जारी रहेगा।”
नेशनल डेस्क | न्यूज़ दर्शन
लेखिका: रिया मिश्रा




