मुजफ्फरपुर/पटना, नेशनल क्राइम डेस्क : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से साइबर अपराध का एक ऐसा हैरान और डरा देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञों को भी हिलाकर रख दिया है। साइबर अपराधियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक ‘डीपफेक’ (Deepfake) तकनीक का इस्तेमाल कर मुजफ्फरपुर के एक बड़े होटल व्यवसायी को अपना शिकार बनाया और उनके बैंक खाते से ₹97 लाख की भारी-भरकम रकम साफ कर दी। बिहार में डीपफेक तकनीक के जरिए इतनी बड़ी वित्तीय ठगी का यह पहला और सबसे बड़ा मामला माना जा रहा है।
कैसे हुई यह शातिर ठगी? (The Modus Operandi)
मुजफ्फरपुर साइबर सेल में दर्ज शिकायत के मुताबिक, ठगों ने इस पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए बेहद हाई-टेक तरीका अपनाया:
- डीपफेक वीडियो और ऑडियो कॉल: ठगों ने इंटरनेट और सोशल मीडिया से पीड़ित होटल व्यवसायी के वीडियो और वॉयस सैंपल (आवाज) चुराए। इसके बाद एआई टूल्स की मदद से व्यवसायी का बिल्कुल हूबहू दिखने वाला नकली वीडियो (Deepfake Video) और क्लोन की हुई आवाज (Voice Clone) तैयार की।
- मैनेजर और मुनीम को बनाया निशाना: अपराधियों ने व्यवसायी की क्लोन की हुई आवाज और चेहरे का इस्तेमाल कर उनके होटल के मैनेजर और मुनीम को वीडियो कॉल किया। कॉल पर अपराधियों ने व्यवसायी बनकर दावा किया कि वे एक बड़ी बिजनेस डील के लिए शहर से बाहर हैं और तुरंत एक आपातकालीन पेमेंट करनी है।
- ₹97 लाख का ट्रांजैक्शन: व्यवसायी की हुबहू आवाज और चेहरा देखकर मैनेजर को जरा भी शक नहीं हुआ। उसने मालिक का आदेश समझकर बताए गए विभिन्न बैंक खातों में टुकड़ों-टुकड़ों में कुल ₹97 लाख ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब मैनेजर ने असली व्यवसायी से संपर्क किया, तब जाकर इस महा-ठगी का भंडाफोड़ हुआ।
एक्शन में साइबर सेल और एसटीएफ (STF)
इतनी बड़ी रकम की ठगी की खबर मिलते ही मुजफ्फरपुर पुलिस और बिहार साइबर सेल की विशेष टीम (STF) तुरंत हरकत में आ गई है।
- अकाउंट्स फ्रीज: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन सभी बैंक खातों को ट्रैक किया है जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे और कई खातों को होल्ड (फ्रीज) करवा दिया गया है।
- आईपी एड्रेस ट्रेसिंग: पुलिस तकनीकी इनपुट और आईपी एड्रेस (IP Address) के जरिए अपराधियों के ठिकाने का पता लगाने में जुटी है। शुरुआती जांच में इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय (Inter-state) साइबर सिंडिकेट से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
साइबर एक्सपर्ट्स की चेतावनी: वीडियो कॉल पर भी न करें भरोसा!
इस घटना के बाद साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने देश भर के व्यापारियों और आम लोगों के लिए एक गंभीर एडवाइजरी जारी की है:
- क्रॉस-वेरिफिकेशन जरूरी: अगर आपका कोई करीबी, रिश्तेदार या बॉस फोन या वीडियो कॉल पर अचानक बड़े वित्तीय लेनदेन या पैसों की मांग करता है, तो तुरंत पैसे ट्रांसफर न करें।
- दूसरे माध्यम से जांचें: कॉल कट करने के बाद उनके दूसरे नंबर पर सामान्य कॉल करके या किसी अन्य परिचित के जरिए उस मांग की सत्यता की जांच जरूर करें।
- सोशल मीडिया पर सतर्कता: अपनी साफ आवाज वाले वीडियो या व्यक्तिगत जानकारियां सोशल मीडिया पर पब्लिक रखने से बचें, क्योंकि ठग इनका इस्तेमाल आपकी आवाज क्लोन करने के लिए कर सकते हैं। तकनीक के इस दौर में एआई और डीपफेक के जरिए हो रही इस तरह की हाई-टेक ठगी पर आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि एआई तकनीक के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सरकार को तुरंत कोई सख्त कानून बनाना चाहिए? नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय हमारे साथ ज़रूर साझा करें। देश के बड़े क्राइम अपडेट्स, साइबर फ्रॉड से जुड़ी चेतावनियों और हर एक कड़क व सच्ची रिपोर्ट को सबसे पहले देखने के लिए जुड़े रहिए न्यूज दर्शन News Darshan के साथ।
Saumya Pal
National Desk News Darshan





