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दिमाग खाने वाले अमीबा से बच्चे की मौत: डॉक्टरों ने जारी किया हाई अलर्ट


अमेरिका में एक दुर्लभ लेकिन बेहद खतरनाक संक्रमण ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। ‘नेगलेरिया फाउलरी’ (Naegleria fowleri) नामक दिमाग खाने वाले अमीबा से एक बच्चे की मौत के बाद डॉक्टरों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। यह अमीबा मुख्य रूप से साफ और गर्म मीठे पानी में पाया जाता है और नाक के रास्ते शरीर में प्रवेश कर सीधे दिमाग तक पहुंच सकता है।

क्या है नेगलेरिया फाउलरी?
नेगलेरिया फाउलरी एक सूक्ष्म जीव (अमीबा) है, जो गर्म झीलों, तालाबों, नदियों और कुछ गर्म पानी के स्रोतों में पाया जाता है। यह सामान्य रूप से पानी पीने से नहीं, बल्कि पानी के नाक में जाने पर संक्रमण फैलाता है।

कैसे करता है हमला?
जब संक्रमित पानी नाक के जरिए शरीर में प्रवेश करता है, तो यह अमीबा घ्राण तंत्रिका (Olfactory Nerve) के माध्यम से सीधे मस्तिष्क तक पहुंच जाता है। इसके बाद यह दिमाग के ऊतकों पर हमला करता है, जिससे गंभीर संक्रमण होता है जिसे प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (PAM) कहा जाता है।

संक्रमण के लक्षण
संक्रमण के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में स्थिति गंभीर हो सकती है।

  • तेज सिरदर्द
  • बुखार
  • मतली और उल्टी
  • गर्दन में अकड़न
  • भ्रम और बेहोशी
  • दौरे पड़ना

विशेषज्ञों के अनुसार, लक्षण दिखने के बाद बीमारी तेजी से बढ़ती है और इलाज में देरी जानलेवा साबित हो सकती है।

डॉक्टरों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को गर्म मीठे पानी में तैराकी या गोता लगाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

  • गर्म झीलों और तालाबों में तैरते समय नाक में पानी जाने से बचें।
  • नोज़ क्लिप (Nose Clip) का उपयोग करें।
  • नाक की सफाई (Nasal Rinse) के लिए केवल उबला हुआ, डिस्टिल्ड या स्टरलाइज्ड पानी ही इस्तेमाल करें।
  • ⁠* यदि तैराकी के बाद तेज सिरदर्द, बुखार या अन्य लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

क्या यह बीमारी आम है?
विशेषज्ञों के अनुसार, यह संक्रमण बेहद दुर्लभ है, लेकिन संक्रमित होने पर मृत्यु दर बहुत अधिक होती है। इसलिए घबराने की बजाय जागरूक रहना और सावधानी बरतना सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।

निष्कर्ष
अमेरिका में हुई इस घटना के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। गर्म और मीठे पानी में तैराकी करते समय आवश्यक सावधानियां अपनाकर इस दुर्लभ लेकिन खतरनाक संक्रमण से काफी हद तक बचा जा सकता है।

रिपोर्ट: News Darshan
खबरों का विश्लेषण

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