Administration Politics

संसद के मानसून सत्र का हंगामेदार आगाज: PM मोदी की ‘सार्थक चर्चा’ की अपील बेअसर; NEET, जंतर-मंतर आंदोलन और नए सीटिंग प्लान पर विपक्ष का जोरदार हंगामा!

नई दिल्ली, राष्ट्रीय एवं संसदीय मामलों का ब्यूरो : संसद का बहुप्रतीक्षित मानसून सत्र शुरू होते ही देश की सबसे बड़ी पंचायत (लोकसभा और राज्यसभा) में जोरदार सियासी घमासान छिड़ गया है। सत्र के पहले ही दिन से विपक्षी दलों (INDIA ब्लॉक) ने कई संवेदनशील मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपना लिया है। हालांकि, कार्यवाही शुरू होने से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए विपक्ष से शांति, तथ्यों और तर्कों के आधार पर ‘सार्थक एवं सकारात्मक चर्चा’ की अपील की थी, लेकिन सत्र शुरू होते ही दोनों सदनों में भारी नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के कारण कार्यवाही को बार-बार स्थगित करना पड़ा।

पीएम मोदी का संदेश: “जहाँ तथ्य और तर्क हैं, वहाँ तूफ़ान की जगह नहीं”

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में देश को संबोधित किया। पीएम मोदी के संबोधन के मुख्य बिंदु:

  • सार्थक बहस की अपील: पीएम मोदी ने कहा कि देश का युवा प्रगति चाहता है और संसद को विकास की नई ऊर्जा देनी चाहिए। उन्होंने सभी सांसदों से आग्रह किया कि वे बिना किसी गतिरोध के देश हित में सार्थक बहसों में हिस्सा लें।
  • तथ्य और तर्क का मंत्र: प्रधानमंत्री ने कहा— “जहाँ तथ्य और तर्क होते हैं, वहाँ तूफ़ान के लिए कोई जगह नहीं होती।” उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद के अनुभवी सदस्य अपने ज्ञान और अनुभव से देश को आगे बढ़ाने वाले विधेयकों पर चर्चा करेंगे।
  • युवाओं और स्टार्टअप्स की तारीफ: उन्होंने देश की प्रगति, स्टार्टअप्स और हाल ही में शुरू हुए बड़े प्रोजेक्ट्स का जिक्र करते हुए देश के युवाओं के जज्बे को सलाम किया।

•संसद के भीतर हंगामा: किन मुद्दों पर आमने-सामने हैं सरकार और विपक्ष?

पीएम मोदी की अपील के बावजूद, जैसे ही सुबह सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए वैल (Well of the House) में आ पहुंचे। विपक्ष मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है:

  • NEET पेपर लीक और CJP आंदोलन: दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और छात्र संगठनों के उग्र प्रदर्शन, पुलिस की कार्रवाई और नीट परीक्षा रद्द करने की मांग पर विपक्ष तुरंत चर्चा की मांग कर रहा है।
  • नया सीटिंग अरेंजमेंट (TMC बागी व शिवसेना विलय): टीएमसी के 20 बागी सांसदों (NCPI) को अलग बैठने की जगह देने और शिवसेना (UBT) के एकनाथ शिंदे गुट में विलय के बाद संसद में किए गए नए सीटिंग प्लान को लेकर विपक्षी खेमे में भारी नाराजगी है।
  • अयोध्या और अन्य स्थानीय विवाद: विपक्ष ने राम मंदिर निर्माण और फंड से जुड़े कथित मुद्दों के अलावा महंगाई और सीमावर्ती क्षेत्रों के मुद्दों पर स्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion) पेश किया है।

दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित

हंगामे और नारेबाजी के चलते लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति द्वारा बार-बार सदस्यों से अपनी सीटों पर जाने की अपील की गई, लेकिन गतिरोध न टूटने के कारण दोनों सदनों को बार-बार स्थगित (Adjourn) करना पड़ा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के इस रवैये पर खेद जताते हुए कहा कि सरकार हर नियम और मुद्दे पर बहस के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष केवल सदन को बाधित करना चाहता है।

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन हुए इस भारी हंगामे, विपक्ष की मांगों और पीएम मोदी की ‘सार्थक बहस’ की अपील पर आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि संसद में नारेबाजी की जगह NEET और अन्य जनमुद्दों पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए? नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय हमारे साथ ज़रूर साझा करें। संसद की पल-पल की लाइव अपडेट्स, राजनीतिक बहस और हर एक कड़क व सच्ची रिपोर्ट को सबसे पहले देखने के लिए जुड़े रहिए न्यूज दर्शन News Darshan के साथ।

Saumya Pal
National Desk News Darshan

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