
नेशनल डेस्क | न्यूज़ दर्शन
बिहार: बिहार में सुशासन और ‘फ्रेंडली पुलिसिंग’ के दावों के बीच पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया थाना क्षेत्र से रूह कँपा देने वाली पुलिसिया बर्बरता का एक मामला प्रकाश में आया है। बैरिया थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर (SI) दीपक दुबे पर आरोप लगा है कि उन्होंने पुरानी रंजिश और आपसी खुन्नस के चलते एक स्थानीय युवक को सरेराह दबोचा और बिना किसी वजह के उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। इतना ही नहीं, पीड़ित को लहूलुहान हालत में थाना ले जाया गया, जहाँ हाजत के भीतर भी उसे अमानवीय तरीके से प्रताड़ित किया गया। इस पूरी घटना और पीड़ित की दर्दनाक स्थिति का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस महकमे के भीतर हड़कंप मचा दिया है।
सरेआम गुंडागर्दी और थाने में भी जारी रही बर्बरता
स्थानीय सूत्रों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों के अनुसार, पीड़ित युवक और SI दीपक दुबे के बीच पहले से ही किसी बात को लेकर व्यक्तिगत विवाद या पुरानी रंजिश चल रही थी। इसी का बदला लेने के लिए सब-इंस्पेक्टर ने कानून को ताक पर रखकर अपनी वर्दी का धौंस दिखाया। युवक को बीच रास्ते में रोककर लाठियों और थप्पड़ों से बुरी तरह पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। जब इतने से भी दरोगा का मन नहीं भरा, तो उसे जबरन गाड़ी में डालकर बैरिया थाना लाया गया। थाने की चहारदीवारी के भीतर, जहाँ नागरिकों की सुरक्षा की कसम खाई जाती है, वहाँ कानून के रखवाले ने ही कानून की धज्जियां उड़ाते हुए युवक पर थर्ड-डिग्री टॉर्चर का इस्तेमाल किया।
न्यायालय का कड़ा रुख: दरोगा को फटकार और पीड़ित को तत्काल इलाज का आदेश
इस पूरे मामले में पुलिस की बर्बरता की कलई तब खुली जब आरोपी पुलिस अधिकारी द्वारा पीड़ित युवक को कोर्ट में पेश किया गया। युवक की गंभीर शारीरिक स्थिति, शरीर पर चोट के निशान और चलने-फिरने में हो रही लाचारी को देखकर माननीय न्यायाधीश का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। न्यायालय ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए आरोपी सब-इंस्पेक्टर दीपक दुबे को भरी अदालत में कड़ी फटकार लगाई और उनसे इस अमानवीय कृत्य पर जवाब तलब किया। कोर्ट ने मानवाधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन पाए जाने पर तुरंत संज्ञान लेते हुए पीड़ित युवक को तत्काल जमानत (Bail) दे दी। इसके साथ ही, कोर्ट ने पुलिस को कड़ा आदेश दिया कि पीड़ित को बिना किसी देरी के बेहतर इलाज के लिए जीएमसीएच (GMCH) बेतिया भेजा जाए।
पुलिसिया सिस्टम पर उठ रहे कड़े सवाल; जनता में भारी आक्रोश
न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद पीड़ित युवक को इलाज के लिए बेतिया के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH) में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इस घटना के बाद से स्थानीय जनता और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में बैरिया पुलिस के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। लोग सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को शेयर करते हुए पूछ रहे हैं कि क्या बिहार में पुलिस को रंजिश साधने और आम नागरिकों को इस तरह बेरहमी से पीटने का लाइसेंस मिला हुआ है? मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं, और उम्मीद जताई जा रही है कि आरोपी दरोगा दीपक दुबे के खिलाफ जल्द ही निलंबन और विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
बैरिया थाने के SI दीपक दुबे द्वारा पुरानी रंजिश में एक युवक को बेरहमी से पीटने और इस पर माननीय कोर्ट द्वारा लगाई गई फटकार को आप किस तरह देखते हैं? क्या आपको लगता है कि वर्दी का दुरुपयोग करने वाले ऐसे पुलिसकर्मियों को तुरंत सेवा से बर्खास्त कर देना चाहिए? नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय हमारे साथ ज़रूर साझा करें। बिहार की कानून-व्यवस्था, क्राइम और हर एक कड़क व सच्ची खबर को सबसे पहले देखने के लिए जुड़े रहिए न्यूज़ दर्शन (News Darsan) साथ।
Saumya Pal
National Desk News Darshan




