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AI से बनाई गई फर्जी बैंकिंग ऐप: यूपी के 11वीं के ड्रॉपआउट छात्र पर साइबर ठगों के लिए ऐप बनाने का आरोप

उत्तर प्रदेश से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के दुरुपयोग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, 11वीं कक्षा का एक ड्रॉपआउट छात्र AI की मदद से एक ऐसी फर्जी बैंकिंग ऐप बनाने का आरोपी है, जो हूबहू असली बैंकिंग ऐप जैसी दिखाई देती थी। आरोप है कि इस ऐप को साइबर ठगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए बेचा जा रहा था। यह मामला AI आधारित साइबर अपराध के बढ़ते खतरे की गंभीर चेतावनी माना जा रहा है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी ने AI टूल्स की मदद से एक नकली बैंकिंग एप्लिकेशन तैयार की, जिसमें असली जैसी लॉगिन स्क्रीन, अकाउंट डिटेल्स और ट्रांजैक्शन इंटरफेस बनाए गए थे। इसका उद्देश्य लोगों को यह विश्वास दिलाना था कि वे किसी वास्तविक बैंकिंग ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि इस फर्जी ऐप को साइबर अपराधियों के बीच फिशिंग, ऑनलाइन ठगी और धोखाधड़ी वाले लेनदेन के लिए बेचा जा रहा था। डिजिटल फॉरेंसिक टीमें अब ऐप के सोर्स कोड, वित्तीय लेनदेन और इसके पीछे किसी बड़े साइबर गिरोह की संभावित संलिप्तता की जांच कर रही हैं।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि AI की वजह से ऑनलाइन ठगी पहले से कहीं अधिक उन्नत और खतरनाक होती जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे बैंकिंग ऐप केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें, ऐप के प्रकाशक (Publisher) की पुष्टि करें और किसी भी व्यक्ति के साथ OTP या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें।

जांच एजेंसियां अब उन लोगों की पहचान करने में जुटी हैं जिन्होंने इस फर्जी ऐप को खरीदा या इसका इस्तेमाल किया हो सकता है। पुलिस का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ने के साथ इस साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है।

यह मामला दिखाता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किस तरह संगठित साइबर अपराधों के लिए किया जा सकता है। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने, बैंकिंग ऐप केवल आधिकारिक स्रोतों से इंस्टॉल करने और किसी भी संदिग्ध डिजिटल गतिविधि की तुरंत बैंक या साइबर क्राइम अधिकारियों को सूचना देने की अपील की है।

यह मामला AI तकनीक के नकारात्मक उपयोग को उजागर करता है और यह बताता है कि डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के लिए साइबर जागरूकता, डिजिटल सुरक्षा और सतर्कता पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गई है।

Shreya singh,
National desk,News darshan.

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