नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की मांग को लेकर पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन लगातार जारी है। उनका कहना है कि देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रही गड़बड़ियों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। इसी मुद्दे को लेकर वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और सरकार से परीक्षा प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज जंतर-मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात कर सकते हैं। यदि यह मुलाकात होती है, तो इसे आंदोलन को राजनीतिक समर्थन मिलने के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि अभी तक नहीं की गई है।
सोनम वांगचुक का कहना है कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध के लिए नहीं, बल्कि छात्रों के हित और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर है। उनका मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है ताकि युवाओं का भरोसा शिक्षा व्यवस्था पर बना रहे।
वहीं, जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी पहुंच रहे हैं। प्रदर्शनकारी परीक्षा पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। आंदोलन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार इस आंदोलन पर क्या प्रतिक्रिया देती है और यदि अरविंद केजरीवाल की मुलाकात होती है तो उसका क्या राजनीतिक और सामाजिक असर देखने को मिलता है। छात्रों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और भविष्य में परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी तथा विश्वसनीय बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
nandini chauhan
national desk news darshan .





