नई दिल्ली : टेक्नोलॉजी की दुनिया में Apple एक और बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी अपने आगामी iOS अपडेट में एक ऐसे फीचर पर काम कर रही है, जिसकी मदद से यूजर्स बिना मोबाइल नेटवर्क और बिना वाई-फाई के भी एक-दूसरे से वॉयस कॉल कर सकेंगे। यह सुविधा सैटेलाइट कम्युनिकेशन तकनीक पर आधारित होगी, जो खासकर उन क्षेत्रों में बेहद उपयोगी साबित हो सकती है जहां पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं होता।
मौजूदा समय में Apple अपने चुनिंदा iPhone मॉडल्स में Emergency SOS via Satellite जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराता है, जिसके जरिए आपातकालीन स्थिति में मदद के लिए संदेश भेजे जा सकते हैं। अब माना जा रहा है कि कंपनी इस तकनीक को और अधिक उन्नत बनाते हुए सामान्य वॉयस कॉलिंग की सुविधा देने की दिशा में काम कर रही है। यदि ऐसा होता है, तो यह स्मार्टफोन संचार तकनीक में एक बड़ी क्रांति मानी जाएगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फीचर की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यूजर्स को कॉल करने के लिए न तो मोबाइल टावर की जरूरत होगी और न ही वाई-फाई कनेक्शन की। फोन सीधे सैटेलाइट नेटवर्क से जुड़कर कॉल स्थापित करेगा। हालांकि, इसके लिए खुले आसमान के नीचे होना आवश्यक हो सकता है, ताकि सैटेलाइट से बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।
यह फीचर उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है जो अक्सर पहाड़ी इलाकों, जंगलों, समुद्री क्षेत्रों या अन्य दूर-दराज़ स्थानों की यात्रा करते हैं। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं, भूकंप, बाढ़, तूफान या किसी अन्य आपातकालीन स्थिति में जब मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप हो जाता है, तब भी लोग अपने परिवार, दोस्तों या राहत एजेंसियों से संपर्क कर सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक इमरजेंसी कम्युनिकेशन सिस्टम को पहले से कहीं अधिक मजबूत बना सकती है।
हालांकि Apple की ओर से अभी तक इस फीचर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। कंपनी ने न तो इसकी लॉन्च डेट की पुष्टि की है और न ही यह बताया है कि यह सुविधा किन iPhone मॉडल्स में उपलब्ध होगी। माना जा रहा है कि भविष्य के iOS अपडेट या नए iPhone मॉडल्स के साथ इस फीचर को पेश किया जा सकता है।
अगर Apple इस तकनीक को सफलतापूर्वक लॉन्च करता है, तो यह स्मार्टफोन इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है। बिना इंटरनेट और बिना मोबाइल नेटवर्क के वॉयस कॉलिंग की सुविधा न केवल आम यूजर्स के लिए फायदेमंद होगी, बल्कि आपदा प्रबंधन, एडवेंचर ट्रैवल, सैन्य उपयोग और रिमोट क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। आने वाले समय में यह फीचर मोबाइल संचार के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है।
nandini chauhan
national desk news darshan.





